प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से अब सभी प्रेस पंजीकरण सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं; 1.5 लाख से अधिक पत्रिकाओं के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया गया
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पीआईबी और सोशल मीडिया सामग्री का मसौदा
पीआईबी और सोशल मीडिया सामग्री का मसौदा PIB Delhi भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में “नेशनल समावेश 2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को I-STEM, दिल्ली विज्ञान और प्रौद्योगिकी (S&T) क्लस्टर (DRIIV), और डीन (R&D), आईआईटी दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 14 मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ पूरे भारत के अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्टम से शोधकर्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्यमी और नीति-निर्माता एक मंच पर एकत्रित हुए। पीएसए कार्यालय के वैज्ञानिक सचिव डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी; DRIIV के कार्यवाहक सीईओ प्रो. अंबुज सागर; आईआईटी दिल्ली के एसोसिएट डीन (R&D) प्रो. राजेंद्र सिंह; पीएसए कार्यालय में वैज्ञानिक-F डॉ. विशाल चौधरी; और I-STEM के COO/राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. हरिलाल भास्कर शामिल थे। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय द्वारा समर्थित, I-STEM राष्ट्रीय डिजिटल मंच के रूप में विकसित हुआ है। यह विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों और सुविधाओं की खोज और उन तक साझा पहुंच को संभव बनाता है। इस कार्यक्रम में I-STEM इकोसिस्टम से उभरने वाले सफल मॉडलों की जानकारी दी गई और पूरे देश में साझा अनुसंधान बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधन में, डॉ. परविंदर मैनी ने भारत के अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत करने में DRIIV क्लस्टर और I-STEM के बीच तालमेल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए उन्नत परीक्षण और सत्यापन बुनियादी ढांचे तक पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ओएनओएस) पहल की पूरक है, क्योंकि यह वैश्विक विद्वतापूर्ण ज्ञान तक पहुंच को साझा वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुंच के साथ जोड़ती है। यह पहल ‘अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन’ (एएनआरएफ) के उस दृष्टिकोण के भी अनुरूप है, जिसका उद्देश्य उच्च-स्तरीय अनुसंधान बुनियादी ढांचे के उपयोग में सुधार करना और विभिन्न संस्थानों (जिनमें टियर-2 और टियर-3 शहरों के संस्थान भी शामिल हैं) में अवसरों का विस्तार करना है। उन्होंने भावी क्षमता निर्माण में तथा उन्नत परीक्षण और विश्लेषणात्मक सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करके स्टार्टअप और एमएसएमई को सहायता देने में I-STEM की भूमिका पर भी बल दिया। प्रो. रंगन बनर्जी ने उद्घाटन भाषण में हाई-एंड वैज्ञानिक उपकरणों तक साझा पहुँच के लिए एकीकृत राष्ट्रीय इकोसिस्टम के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार को मज़बूत करने के लिए इस तरह का बुनियादी ढाँचा ज़रूरी है। इस अवसर पर प्रो. अंबुज सागर ने अनुसंधान परिणामों को लागू करने लायक समाधानों में बदलने में एसएंडटी क्लस्टरों की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि DRIIV जैसे क्लस्टर प्रौद्योगिकी के विकास और उसे लागू करने की गति तेज़ करने के लिए शिक्षा जगत, सरकार और उद्योग के बीच तालमेल बिठाकर काम करते हैं। इस पहल का संक्षिप्त विवरण देते हुए, डॉ. विशाल चौधरी ने 2020 में प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) के तहत I-STEM के लॉन्च के बाद से हुई इसकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफ़ॉर्म अब 3,400 से ज़्यादा संस्थानों और 14 मंत्रालयों में 30,000 से ज़्यादा वैज्ञानिक उपकरणों को एक साथ जोड़ता है, और इसके 55,000 से ज़्यादा पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म सुविधाओं की पारदर्शी खोज और साझा पहुँच को संभव बनाकर बुनियादी ढाँचे के बिखराव और उसके कम उपयोग की चुनौतियों का समाधान करता है। उद्घाटन सत्र के दौरान, डॉ. परविंदर मैनी ने I-STEM कैटलॉग,…
Kisan Credit Card: Fueling Growth in Agriculture
Kisan Credit Card: Fueling Growth in Agriculture Strengthening Farmers’ access to capital PIB Delhi Text Box: Key TakeawaysThe Kisan Credit…
पत्रकारिता से जुड़े चार महत्वपूर्ण कार्यशैली जिसे जानना जरूरी है।
पत्रकारिता से जुड़े चार महत्वपूर्ण पहलुओं को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है—जो पत्रकारिता के छात्रों, मीडिया पेशेवरों…
उत्तराखंड: उत्तरकाशी में खिले बुरांश के फूल
उत्तरकाशी जनपद में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पहाड़ों पर बुरांश खिलने लगे हैं। SHABD,Dehradun, March 9, उत्तराखंड: उत्तरकाशी…
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संपादकीयशादियों का बढ़ता दिखावा: कोटद्वार से उठता एक सामाजिक सवाल उत्तराखंड के तराई–भाबर क्षेत्र, विशेषकर कोटद्वार में, पिछले कुछ वर्षों…
उत्तराखंड : चमोली विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश
उत्तराखंड : चमोली विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश उत्तराखंड की चमोली विधानसभा के गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा…
जल जीवन मिशन की कार्यान्वयन स्थिति
जल जीवन मिशन की कार्यान्वयन स्थिति PIB Delhi केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज राज्यसभा में…
“Sabka Sath, Sabka Vikas – Fulfilling Aspirations of People”
PM chairs Post-Budget Webinar on Health, Ayush and Pharma Sectors Strengthening preventive and holistic healthcare is central to fulfilling the…
SPECIAL SUPPORT FOR YOUNG, WOMEN AND RURAL ENTREPRENEURS
PIB Delhi The Cabinet has approved the Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs (PM SETU) scheme to…
PROMOTION OF RURAL TOURISM
PROMOTION OF RURAL TOURISM PIB Delhi Development and promotion of tourist destinations and products, including rural tourism is undertaken by…
NHRC, India begins its Online Short Term Internship Programme for March 2026
80 university-level students from diverse academic backgrounds shortlisted out of 1,147 applicants Inaugurating the internship, NHRC Chairperson, Justice V. Ramasubramanian…
NHAI Releases First Annual Report on National Highways – Green Cover Index (NH-GCI) for 2025-26
NHAI Releases First Annual Report on National Highways – Green Cover Index (NH-GCI) for 2025-26 PIB Delhi With the objective to provide a quantitative…
उत्तराखंड: भराड़ीसैंण में विधानसभा बजट सत्र के दौरान धारा 163 लागू, 13 मार्च तक प्रतिबंध
उत्तराखंड: भराड़ीसैंण में विधानसभा बजट सत्र के दौरान धारा 163 लागू, 13 मार्च तक प्रतिबंध भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा बजट…
उत्तराखंड: पौड़ी जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 60 महिलाओं को किया गया सम्मानित
उत्तराखंड: पौड़ी जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 60 महिलाओं को किया गया सम्मानित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर…
