पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की चिंता, बोले– सच बताने की कीमत चुका रहे पत्रकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने पत्रकारों के खिलाफ अपराधों में दंडमुक्ति समाप्त करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर दुनिया भर में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
नई दिल्ली। पत्रकारिता लोकतंत्र, मानवाधिकार और कानून के शासन की आधारशिला है, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में पत्रकारों को सच सामने लाने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने सोमवार, 2 नवंबर को पत्रकारों के खिलाफ अपराधों में दंडमुक्ति समाप्त करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर यह चिंता व्यक्त की।
गुटेरेस ने कहा कि पत्रकारों को अपना काम करने के कारण अक्सर उत्पीड़न, निगरानी, मुकदमों, शारीरिक हमलों और जेल में डाले जाने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में पत्रकारों को प्रताड़ित तक किया जाता है और उनकी हत्या भी कर दी जाती है।
उन्होंने दुनिया भर की सरकारों और संबंधित संस्थाओं से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि पत्रकारों के काम करने की स्वतंत्रता में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। उनका काम मानवाधिकारों, लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा सवाल
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का यह संदेश एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाता है कि जब पत्रकारों को सच सामने लाने के लिए धमकियों, मुकदमों और हिंसा का सामना करना पड़े, तो समाज तक निष्पक्ष और स्वतंत्र सूचनाएं पहुंचाने का अधिकार कैसे सुरक्षित रहेगा?
पत्रकारों के खिलाफ अपराधों की निष्पक्ष जांच, दोषियों को सजा और पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
