
‘प्रकाश और परंपरा–ज्योति से ज्योति जलाएं’ थीम पर आयोजित मेले में देशभर के शिल्पकारों, कारीगरों और दिव्यांग उद्यमियों को मिला मंच
नई दिल्ली, 3 नवंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली हाट में शिल्प समागम मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष मेले की थीम ‘प्रकाश और परंपरा–ज्योति से ज्योति जलाएं’ रखी गई है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्रालय के दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
शिल्पकारों और दिव्यांग उद्यमियों को मिला मंच
शिल्प समागम मेला देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों, पारंपरिक कारीगरों और दिव्यांग उद्यमियों की प्रतिभा एवं रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों और हुनर को व्यापक पहचान दिलाने के साथ बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
आत्मनिर्भरता और समावेशी सशक्तिकरण पर जोर
आयोजन का प्रमुख उद्देश्य दिव्यांगजनों की उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना, पारंपरिक हस्तशिल्प को संरक्षण देना तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। यह पहल दिव्यांगजनों को केवल सहायता प्राप्त करने वाले वर्ग के रूप में नहीं, बल्कि उत्पादन, रोजगार और उद्यमिता में सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
‘ज्योति से ज्योति जलाएं’ का संदेश समाज में समान अवसर, सम्मान और सहभागिता की भावना को मजबूत करता है। मेले के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और समावेशी विकास के संकल्प को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिल्प समागम मेला-2026 हस्तशिल्प की समृद्ध भारतीय परंपरा और दिव्यांगजनों की उद्यमशील प्रतिभा को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है।
