Category: awareness

भू-कानून अनुपालन अभियान के तहत लगभग 27 नाली भूमि राज्य सरकार में निहित, उल्लंघन और शर्तों के विपरीत मामलों में अभियान जारी

भू-कानून अनुपालन अभियान के तहत लगभग 27 नाली भूमि राज्य सरकार में निहित, उल्लंघन और शर्तों के विपरीत मामलों में…

भारतीय सांकेतिक भाषा व्याख्या सेवाओं के मानकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

भारतीय सांकेतिक भाषा व्याख्या सेवाओं के मानकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल नई दिल्ली स्थित Indian Sign Language Research and…

हैदराबाद में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित, 500 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

न्यूज़ डिटेल हैदराबाद में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित, 500 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा हैदराबाद…

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में पौड़ी प्रशासन की नई पहल

समाचार विश्लेषण: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में पौड़ी प्रशासन की नई पहल पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस.…

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र और बोर्ड को नोटिस जारी किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र और बोर्ड को नोटिस…

इस्राएल-ईरान के जवाबी हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, संघर्षविराम बाधित

इस्राएल-ईरान के जवाबी हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, संघर्षविराम बाधित इस्राएल और ईरान ने एक-दूसरे पर जवाबी हमले…

गरीबों का सशक्तिकरण: समावेशी परिवर्तन का एक दशक

गरीबों का सशक्तिकरण: समावेशी परिवर्तन का एक दशक PIB Delhi पिछले बारह वर्षों में, भारत के लगातार सरकारी प्रयासों ने ज़रूरी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाई है, जिससे वंचित परिवारों में अभाव कम हुआ है। कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा उपायों के विस्तार से लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। ग्रामीण इलाकों में नल के पानी की सुविधा 2019 के 3.23 करोड़ घरों से बढ़कर मई 2026 तक 15.84 करोड़ घरों तक पहुंच गई है। 12.11 करोड़ से ज़्यादा घरों में शौचालय बनाए गए, जिससे ग्रामीण स्वच्छता कवरेज 2014 के 39 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गया। पीएम उज्ज्वला योजना के तहत 10.57 करोड़ से ज़्यादा मुफ़्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जिससे महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ और घरों के अंदर होने वाला प्रदूषण कम हुआ। आयुष्मान भारत के तहत 43.93 करोड़ हेल्थ कार्ड जारी किए गए, जिससे आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने 81 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को मुफ़्त अनाज उपलब्ध कराया, जिससे पूरे देश में गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा मज़बूत हुई। प्राथमिक स्कूलों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर 2013-14 के 4.6 प्रतिशत से तेज़ी से घटकर 2024-25 में 0.3प्रतिशत  रह गई। डिजिटल शासन सुधारों की मदद से आधार–आधारित राशन वितरण संभव हो पाया। आकांक्षी ज़िलों और आदिवासी इलाकों में भी पानी, स्वच्छता और आजीविका से जुड़े विशेष प्रयासों के ज़रिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया गया। गरीबी उन्मूलन और  बहु–क्षेत्रीय कल्याण में रणनीतिक प्रतिमान पिछले एक दशक में, भारत ने गरीबी कम करने, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने के मामले में एक बड़ा बदलाव देखा है। पब्लिक पॉलिसी को समावेश, पहुंच और आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के सिद्धांतों से दिशा मिली है। इससे यह पक्का हुआ है कि आर्थिक विकास का लाभ सभी लोगों तक पहुंचे। खास बात यह है कि औसत महंगाई दर 2004–2014 के दौरान 8.1 प्रतिशत से घटकर 2014–2025 के दौरान 5.1 प्रतिशत रह गई। इससे कीमतों में ज़्यादा स्थिरता आई और परिवारों की खरीदने की क्षमता में सुधार हुआ। साथ ही, भारत में बहुआयामी गरीबी 2013–14 में 29.17 प्रतिशत से तेज़ी से घटकर 2022–23 में 11.28 प्रतिशत  रह गई। यह 17.89 प्रतिशत अंकों की कमी को दिखाता है। इस दौरान लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। यह प्रगति कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा उपायों के बड़े पैमाने पर विस्तार के कारण संभव हुई है। मुख्य उपायों में वित्तीय समावेश, सस्ती स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, आवास, आजीविका सहायता और डिजिटल शासन सुधार शामिल हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सर्विस डिलीवरी ने इन प्रयासों को और मज़बूत किया है। कुल मिलाकर, इन पहलों ने ग्रामीण और शहरी भारत के लाखों गरीब परिवारों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया है। गरिमा का आधार: मूलभूत जरूरतों तक सार्वभौमिक पहुंच सरकारी प्रयासों का ध्यान पूरे ग्रामीण और शहरी भारत में नल के पानी की कनेक्टिविटी, स्वच्छता कवरेज, एलपीजी की उपलब्धता और ग्रामीण विद्युतीकरण पर केंद्रित रहा है। ये प्रयास जीवन की बेहतर गुणवत्ता, मानव विकास और बड़े पैमाने पर बुनियादी सेवाओं की डिलीवरी की दिशा में हो रहे एक व्यापक बदलाव को दर्शाते हैं। I.  जल, स्वच्छता और साफ सफाई (डबल्यूएएसएच) तक सार्वभौमिक पहुंच पिछले एक दशक में, स्वच्छ ऊर्जा, सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता तक पहुंच भारत की कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति का एक मुख्य आधार बनकर उभरी है। बड़े पैमाने पर किए गए उपायों ने जीवन की गुणवत्ता में काफ़ी सुधार किया है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया है। इससे मानवीय गरिमा को मज़बूती मिली है, विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में। जल जीवन मिशन…

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने “एनजेडपी साथी ऐप” लॉन्च किया और नेशनल ज़ूलॉजिकल पार्क में सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क का उद्घाटन किया

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने “एनजेडपी साथी ऐप” लॉन्च किया और नेशनल ज़ूलॉजिकल पार्क में सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क…

सोमवार से मतदाताओं को BLO घर-घर बांटेंगे गणना फार्म, “बुक ए कॉल” से करें बीएलओ से संपर्क

सोमवार से मतदाताओं को BLO घर-घर बांटेंगे गणना फार्म, “बुक ए कॉल” से करें बीएलओ से संपर्क कल यानी सोमवार…

व्यवसाय सुगमता: भारत के कारोबारी ढांचे को सशक्त बनाना

व्यवसाय सुगमता: भारत के कारोबारी ढांचे को सशक्त बनाना PIB Delhi  व्यापक सुधारों ने डिजिटल शासन, नियामकीय सरलीकरण और विश्वास-आधारित प्रशासन के माध्यम से भारत के व्यावसायिक वातावरण की कायापलट कर दी है। इसके परिणामस्वरूप, स्टार्टअप्स, एमएसएमई तथा कंपनी निगमन में सहायता प्रदान करने वाली पहलों के कारण व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रियाएँ अधिक तेज़ और कागजरहित हो गई हैं। डिजिटल भूमि अभिलेखों, एकल-खिड़की स्वीकृति प्रणालियों तथा श्रम एवं पर्यावरण संबंधी अनुमोदनों के सरलीकरण के माध्यम से संपत्ति पंजीकरण और अनुमतियों से संबंधित प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण किया गया है। डिजिटल खरीद प्लेटफॉर्मों, लॉजिस्टिक्स सुधारों और एकीकृत व्यापार अवसंरचना के विकास से बाज़ार संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ऋण तक आसान पहुँच, सरल कर प्रणालियाँ तथा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक संचालन को और अधिक सशक्त बनाया है। अनुपालन बोझ में कमी, गैर-अपराधिकरण तथा दिवालियापन समाधान संबंधी सुधारों ने भी अधिक सुविधा-उन्मुख नियामकीय इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया है। इन सुधारों ने निवेशकों का भरोसा सुदृढ़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक सूचकांकों में भारत की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। भारत के व्यावसायिक वातावरण में परिवर्तन बीते…

ई-जागृति ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में रजत पुरस्कार जीता

डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा सरकारी प्रक्रिया पुनर्गठन की श्रेणी I के अंतर्गत 341 नामांकनों में से…