थाली में हिमालय, स्वाद में कूटनीति
थाली में हिमालय, स्वाद में कूटनीति जब वैश्विक कूटनीति व्यापार, शुल्क और समझौतों की भाषा बोलती है, तब कभी-कभी एक…
EarthNity with social development and rural enterpreneurship
थाली में हिमालय, स्वाद में कूटनीति जब वैश्विक कूटनीति व्यापार, शुल्क और समझौतों की भाषा बोलती है, तब कभी-कभी एक…
असल सत्ता किसके हाथ में है यह सवाल बार-बार उठता है कि समाज को दिशा कौन देता है—राजनीतिक नेता या…
संपादकीय | जीवन और नए मार्गों की अनिवार्यता“रोज़ नए-नए मार्गों की खोज करना ही जीवन है”—यह वाक्य आज के समय…
UGC गजट अधिसूचना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सुनवाई की तारीख पर उठे सवाल नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता ने…
वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी द इंडियन एक्सप्रेस के नए हिंदी संस्करण का नेतृत्व करेंगे वरिष्ठ पत्रकार अब के नए हिंदी…
जनता और जनसेवक : पहाड़ के लोकतंत्र की असली तस्वीर (संपादकीय) उत्तराखंड के गांवों में आज भी लोग कहते हैं—“सरकार…
संपादकीय | क्या आज भी कलम का युग है? यह प्रश्न बार-बार उठता है कि क्या आज के शोर, प्रचार…
🔥 संपादकीय : अंगारों की तासीर और जले हुए हाथों की सच्चाई सच को उठाना कभी आसान नहीं रहा। हर…
Editorial | Uttarakhand Has a Dirty Politics — Why Many People Feel This Way The perception that Uttarakhand’s politics has…
जनता की सरकार या सत्ता की सरकार? (संपादकीय) लोकतंत्र का मूल सिद्धांत स्पष्ट है—जनता मालिक है और सरकार सेवक। संविधान…
संवाद या संग्राम? अमर उजाला के मंच पर कार्यक्रम था “संवाद” और सामने थे बाबा रामदेव। माहौल गंभीर चर्चा का…
संपादकीय | विरोध से परिपक्वता तक “मुख़ालिफ़त से मिरी शख़्सियत सँवरती है, मैं दुश्मनों का बड़ा एहतिराम करता हूँ!” यह…
संपादकीय | कर्ज़ की राजनीति और आम आदमी का आत्मविश्वास देश के प्रधानमंत्री जब विदेश यात्रा पर निकलते हैं, तो…