उत्तराखंड सचिवालय: कबूतर का बाड़ा या लोकतंत्र का कमांड सेंटर?
सचिवालय में कमरे बहुत हैं, लेकिन क्या जनता के सवालों के जवाब भी उतने ही स्पष्ट हैं? देहरादून का उत्तराखंड…
EarthNity with social development and rural enterpreneurship
सचिवालय में कमरे बहुत हैं, लेकिन क्या जनता के सवालों के जवाब भी उतने ही स्पष्ट हैं? देहरादून का उत्तराखंड…
प्रांजल पाटिल की सफलता उत्सव का विषय है, लेकिन उनकी यात्रा यह सवाल भी पूछती है—क्या भारत ने दिव्यांग नागरिकों…
संपादकीय उत्तराखंड में 2027 का विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं है। राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होंगी, नए समीकरण बनेंगे,…
संपादकीय | द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी तानाशाही के पतन और हिटलर के अंत के आठ दशक बाद जर्मनी एक…
भारत की बैंकिंग और दिवालियापन व्यवस्था के सामने शायद इससे बड़ा सार्वजनिक सवाल हाल के वर्षों में कम ही आया…
15 अगस्त 2026। देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। लाल किले की प्राचीर से भाषण होंगे। तिरंगा…
शुद्धिकरण यज्ञ या सियासी अशुद्धता? हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में किए गए…
सफलता सबसे पहले दुनिया में नहीं, इंसान के दिमाग और दिल में जन्म लेती है। कोई भी बड़ी उपलब्धि उस…
15 अगस्त केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं है। यह वह दिन है जब भारत ने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियां…
संपादकीय: आखिर खनिज किसके हैं?—उत्तराखंड में पहाड़, खनिज और अधिकार की नई लड़ाई उत्तराखंड को हम देवभूमि कहते हैं। लेकिन…
कोटद्वार के विकास की कहानी केवल सड़कों, बाजारों और इमारतों की कहानी नहीं है। इसके पीछे जमीन का एक ऐसा…
बिहार की राजनीति एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर का…
भारतीय राजनीति में नरेंद्र मोदी का नाम पिछले एक दशक से अधिक समय से सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में गिना जाता…
“लोकतंत्र का चौथा स्तंभ”—यह उपाधि किसी संविधान की धारा में लिखी हुई नहीं है, फिर भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता…
संपादकीय: Old Monk और Royal Challenge विवाद—क्या भारत में गुणवत्ता के नए मानक तय हो रहे हैं? भारत में शराब…