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जल जीवन मिशन की कार्यान्वयन स्थिति

PIB Delhi

केन्‍द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित और दीर्घकालिक आधार पर नल  कनेक्शन द्वारा गुणवत्ता युक्‍त पेयजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए, केंद्र सरकार अगस्त 2019 से राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (जेजेएम) – हर घर जल योजना कार्यान्वित कर रही है।

मिशन के आरंभ में, केवल 3.23 करोड़ (16.7 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास नल का कनेक्शन था। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा 3 मार्च, 2026 तक प्रस्‍तुत रिपोर्ट के अनुसार, जल जीवन मिशन – हर घर जल योजना के तहत 12.58 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को पानी के नल का कनेक्शन प्रदान किया गया है। इस प्रकार, 3 मार्च, 2026 तक, देश के लगभग 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से लगभग 15.82 करोड़ (81.71 प्रतिशत) परिवारों को नल से पानी की आपूर्ति प्राप्त हो गई है।

इसके अलावा, मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान किए गए नल कनेक्शन की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार, जिला-वार और ग्राम-वार स्थिति सार्वजनिक डोमेन पर उपलब्ध है और इसे जेजेएम डैशबोर्ड पर https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx पर देखा जा सकता है।

राज्यों ने संकटग्रस्त क्षेत्रों में विश्वसनीय जल स्रोतों की कमी, भूगर्भीय प्रदूषण, दुर्गम भूभाग, बिखरी बसावट, सीमित तकनीकी क्षमता, बढ़ती सामग्री लागत और वैधानिक स्वीकृतियों में देरी जैसी चुनौतियों की बात कही है। इनसे निपटने के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय की विशेष सहायता, त्वरित स्वीकृतियों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (एसपीएमयू) और जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) की स्थापना और स्थानीय तकनीकी कौशल बढ़ाने के लिए नल जल मित्र कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसके अतिरिक्‍त, जल शक्ति अभियान: कैच द रेन पहल जल स्रोतों की स्थिरता, सामुदायिक नेतृत्व में संरक्षण और दीर्घकालिक पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा दे रहा है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत, प्रदान किए गए घरेलू नल जल कनेक्शनों की कार्यक्षमता का आकलन विभाग एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष एजेंसी द्वारा करता है। इसका चयन मानक सांख्यिकीय नमूनाकरण के आधार पर किया जाता है। कार्यक्षमता आकलन, 2024 के दौरान, पाया गया कि सर्वेक्षण कराए गए गांवों में 98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन थे; नल कनेक्शन वाले 87 प्रतिशत घरों ने पिछले सप्ताह पानी मिलने की सूचना दी, जो समग्र प्रगति को दर्शाता है; 84 प्रतिशत घरों को निर्धारित समय पर पानी मिल रहा है; 80 प्रतिशत घरों को न्यूनतम 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन पानी मिल रहा है; 76 प्रतिशत घर जीवाणु संक्रमण से मुक्त पाए गए और 81 प्रतिशत घरों के जलापूर्ति स्रोत रासायनिक संक्रमण से मुक्त पाए गए। मात्रा, गुणवत्ता और नियमितता के मापदंडों के अनुसार 76 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन कार्यशील पाए गए।

जल जीवन मिशन के आरंभ से ही इसे विकेंद्रीकृत, मांग-आधारित और समुदाय-प्रबंधित कार्यक्रम के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसका प्राथमिक ध्यान रिहायशी बस्‍ती स्तर पर जल आपूर्ति को  विस्‍तारित कर घरों में नल कनेक्शन पहुंचाने पर केंद्रित है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत केवल जलापूर्ति अवसंरचना स्‍थापित करने के बजाय सेवा प्रदान करने पर जोर दिया जाता है। इसके अलावा, नल कनेक्शन द्वारा सार्वभौमिक व्‍यापकता सुनिश्चित करने के लिए, विभाग ने कार्यक्रम कार्यान्वयन की निगरानी और मूल्यांकन के लिए व्यापक बहुस्तरीय और बहु-प्रारूप प्रणाली विकसित की है, जिसमें लक्षित वितरण और विशिष्ट परिणामों की निगरानी के लिए परिवार के मुखिया के आधार कार्ड को जोड़ा गया है, जो वैधानिक प्रावधानों के अधीन है। इसमें स्‍थापित उपकरण की जियो-टैगिंग, भुगतान करने से पहले तृतीय-पक्ष द्वारा निरीक्षण आदि शामिल हैं।


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By udaen

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