लालढांग रेंज कार्यालय से 35.41 किलो हाथी दांत गायब, वन विभाग में मचा हड़कंप
पांच हाथी दांतों का नहीं मिला सुराग, विभागीय जांच कमेटी गठित; यमकेश्वर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज, कोटद्वार एसओजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल, 2 नवंबर। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद स्थित लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के कार्यालय से 35.41 किलोग्राम वजन के पांच हाथी दांत गायब होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वन विभाग के मालखाने में सुरक्षित रखे गए हाथी दांत आखिर कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए?
जानकारी के अनुसार, लालढांग रेंज कार्यालय में लंबे समय से जब्त अथवा बरामद किए गए हाथियों के दांत सुरक्षित रखे गए थे। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्देश पर इन दिनों प्रदेश के विभिन्न वन रेंज कार्यालयों में रखे गए हाथी दांतों का भौतिक सत्यापन और वजन किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान लालढांग रेंज में रखे हाथी दांतों के वजन में अंतर सामने आया। जांच में कुल 35.41 किलोग्राम वजन के पांच हाथी दांत कम पाए गए।
बताया जा रहा है कि रेंज कार्यालय में कुछ दिन पहले स्टोर की शिफ्टिंग की गई थी। इसके बाद 18 अक्टूबर को हाथी दांतों की गणना और मिलान किया गया, जिसमें पांच दांत गायब मिले। हालांकि, स्टोर शिफ्टिंग के दौरान ही दांत गायब हुए या इससे पहले ही वे मालखाने से गायब हो चुके थे, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों और स्टोर शिफ्टिंग में लगे लोगों से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, गायब हाथी दांतों की तलाश में आसपास के ग्रामीणों के साथ-साथ स्टोर शिफ्टिंग के काम में लगाए गए लोगों से भी पूछताछ की गई है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार के प्रभागीय वनाधिकारी की अध्यक्षता में विभागीय जांच समिति गठित की गई है। वहीं, पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब मामले को कोटद्वार थाने में स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
एसओजी और सीआईयू ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
पौड़ी गढ़वाल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोटद्वार की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) एवं सीआईयू की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने लालढांग रेंज कार्यालय का निरीक्षण कर घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच में जुटी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वन विभाग के कार्यालय में रखे गए जब्त हाथी दांतों का इस तरह गायब होना विभागीय सुरक्षा और अभिलेखों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि हाथी दांतों के रखरखाव की जिम्मेदारी किस अधिकारी और कर्मचारी के पास थी, उनका अंतिम सत्यापन कब हुआ था तथा मालखाने में रखे सामान की आवाजाही का रिकॉर्ड कितना व्यवस्थित था।
फिलहाल पांच हाथी दांतों का गायब होना और उनका अब तक बरामद नहीं होना जांच का विषय बना हुआ है। विभागीय और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में लापरवाही हुई है या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश है।
