उत्तराखंड: देहरादून में 29 जून को रोजगार मेला
उत्तराखंड: देहरादून में 29 जून को रोजगार मेला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बेरोजगार युवाओं को रोजगार का मौका मिलने…
EarthNity with social development and rural enterpreneurship
उत्तराखंड: देहरादून में 29 जून को रोजगार मेला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बेरोजगार युवाओं को रोजगार का मौका मिलने…
सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर समाज निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है सहकार भारती कोटद्वार। सहकारिता आधारित आर्थिक…
उत्तराखंड: पहली बार आईएमए से भारतीय सेना को मिलीं 9 महिला सैन्य अफ़सर देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में…
भारत सरकार में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती PIB Delhi 13 जून, नई दिल्ली: यूपीएससी ने भारत सरकार में विभिन्न पदों पर सीधी…
संघ लोक सेवा आयोग ने अप्रैल 2026 माह के लिए भर्ती परिणाम घोषित किए PIB Delhi संघ लोक सेवा आयोग…
गरीबों का सशक्तिकरण: समावेशी परिवर्तन का एक दशक PIB Delhi पिछले बारह वर्षों में, भारत के लगातार सरकारी प्रयासों ने ज़रूरी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाई है, जिससे वंचित परिवारों में अभाव कम हुआ है। कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा उपायों के विस्तार से लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। ग्रामीण इलाकों में नल के पानी की सुविधा 2019 के 3.23 करोड़ घरों से बढ़कर मई 2026 तक 15.84 करोड़ घरों तक पहुंच गई है। 12.11 करोड़ से ज़्यादा घरों में शौचालय बनाए गए, जिससे ग्रामीण स्वच्छता कवरेज 2014 के 39 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गया। पीएम उज्ज्वला योजना के तहत 10.57 करोड़ से ज़्यादा मुफ़्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जिससे महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ और घरों के अंदर होने वाला प्रदूषण कम हुआ। आयुष्मान भारत के तहत 43.93 करोड़ हेल्थ कार्ड जारी किए गए, जिससे आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने 81 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को मुफ़्त अनाज उपलब्ध कराया, जिससे पूरे देश में गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा मज़बूत हुई। प्राथमिक स्कूलों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर 2013-14 के 4.6 प्रतिशत से तेज़ी से घटकर 2024-25 में 0.3प्रतिशत रह गई। डिजिटल शासन सुधारों की मदद से आधार–आधारित राशन वितरण संभव हो पाया। आकांक्षी ज़िलों और आदिवासी इलाकों में भी पानी, स्वच्छता और आजीविका से जुड़े विशेष प्रयासों के ज़रिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया गया। गरीबी उन्मूलन और बहु–क्षेत्रीय कल्याण में रणनीतिक प्रतिमान पिछले एक दशक में, भारत ने गरीबी कम करने, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने के मामले में एक बड़ा बदलाव देखा है। पब्लिक पॉलिसी को समावेश, पहुंच और आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के सिद्धांतों से दिशा मिली है। इससे यह पक्का हुआ है कि आर्थिक विकास का लाभ सभी लोगों तक पहुंचे। खास बात यह है कि औसत महंगाई दर 2004–2014 के दौरान 8.1 प्रतिशत से घटकर 2014–2025 के दौरान 5.1 प्रतिशत रह गई। इससे कीमतों में ज़्यादा स्थिरता आई और परिवारों की खरीदने की क्षमता में सुधार हुआ। साथ ही, भारत में बहुआयामी गरीबी 2013–14 में 29.17 प्रतिशत से तेज़ी से घटकर 2022–23 में 11.28 प्रतिशत रह गई। यह 17.89 प्रतिशत अंकों की कमी को दिखाता है। इस दौरान लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। यह प्रगति कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा उपायों के बड़े पैमाने पर विस्तार के कारण संभव हुई है। मुख्य उपायों में वित्तीय समावेश, सस्ती स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, आवास, आजीविका सहायता और डिजिटल शासन सुधार शामिल हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सर्विस डिलीवरी ने इन प्रयासों को और मज़बूत किया है। कुल मिलाकर, इन पहलों ने ग्रामीण और शहरी भारत के लाखों गरीब परिवारों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया है। गरिमा का आधार: मूलभूत जरूरतों तक सार्वभौमिक पहुंच सरकारी प्रयासों का ध्यान पूरे ग्रामीण और शहरी भारत में नल के पानी की कनेक्टिविटी, स्वच्छता कवरेज, एलपीजी की उपलब्धता और ग्रामीण विद्युतीकरण पर केंद्रित रहा है। ये प्रयास जीवन की बेहतर गुणवत्ता, मानव विकास और बड़े पैमाने पर बुनियादी सेवाओं की डिलीवरी की दिशा में हो रहे एक व्यापक बदलाव को दर्शाते हैं। I. जल, स्वच्छता और साफ सफाई (डबल्यूएएसएच) तक सार्वभौमिक पहुंच पिछले एक दशक में, स्वच्छ ऊर्जा, सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता तक पहुंच भारत की कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति का एक मुख्य आधार बनकर उभरी है। बड़े पैमाने पर किए गए उपायों ने जीवन की गुणवत्ता में काफ़ी सुधार किया है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया है। इससे मानवीय गरिमा को मज़बूती मिली है, विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में। जल जीवन मिशन…
खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंची, कारीगरों के पारिश्रमिक में 275% तक की…
India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat: PM Rozgar Mela reflects our…
Direct Recruitment to various posts in Government of India PIB Delhi UPSC invites applications from eligible candidates for direct recruitment…
भारत डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था में विश्व का नेतृत्व कर सकता है; सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने के…
यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 में तीन नए जोड़े गए केंद्रों को 23,000 से अधिक उम्मीदवारों ने चुना; इससे विद्यमान…
UPSC To Release Provisional Answer Key for Civil Services (Preliminary) Examination – 2026, soon after the Conduct of Examination UPSC…
सुप्रीम कोर्ट में CJI की टिप्पणी पर विवाद, बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से की भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya…
निर्माणाधीन लखवाड ब्यासी जलविद्युत परियोजना के मजदूरों ने सीटू यूनियन के तहत लखवाड़ भवन डाकपत्थर पर प्रदर्शन किया वार्ता में…
मुख्यमंत्री ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में 307 नव…