उत्तराखंड ट्रेड एक्सपो का भव्य शुभारंभ, स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को मिला नया मंच
देहरादून, 20 जून। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, स्थानीय उत्पादों और लघु उद्यमों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित ‘उत्तराखंड ट्रेड एक्सपो’ का शनिवार को मंदाकिनी विहार स्थित मैदान में जोरदार आगाज हुआ। मेले के उद्घाटन से पहले ही बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को उत्सव जैसा माहौल प्रदान कर दिया।
मेले में उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, मोटे अनाज (मिलेट्स), स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुएं, गारमेंट्स, ज्वैलरी, बर्तन, खादी वस्त्र, लेदर उत्पाद, खेल-खिलौने तथा विभिन्न घरेलू उपयोग की वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा बिकानेरी नमकीन, अचार और खुर्जा की प्रसिद्ध क्रॉकरी भी लोगों को आकर्षित कर रही है।
आयोजन स्थल पर बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भूत बंगला, छोटे-बड़े झूले और मनोरंजन गतिविधियां परिवारों और बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शाम होते-होते मेले में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और खरीदारी के साथ मनोरंजन का आनंद लेते हुए लोग नजर आए।
मुख्य मेला आयोजक सुनील रावत ने बताया कि उत्तराखंड ट्रेड एक्सपो का उद्देश्य स्थानीय और बाहरी उद्यमियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि मेले में भाग लेने वाले उद्यमियों को ग्राहकों से सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी आवश्यकताओं और पसंद को समझने में मदद मिलेगी। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन रणनीतियों को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
मेले में पारंपरिक पहाड़ी उत्पादों, हस्तनिर्मित वस्तुओं और जैविक सामग्री की विशेष मांग देखने को मिल रही है। कई स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है, जिससे महिलाओं के स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

आयोजकों के अनुसार मेले का औपचारिक उद्घाटन रविवार शाम छह बजे उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त धीरेंद्र सिंह पंवार द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना है।
स्थानीय व्यापार और ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को मजबूती देने वाला यह ट्रेड एक्सपो आगामी दिनों में हजारों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे।
