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राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान

PIB Delhi

पंचायत, “स्थानीय स्वशासन” होने के नाते, एक राज्य का विषय है और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची का हिस्सा है। इस प्रकार, पंचायत क्षमता को मजबूत करने के लिए समर्थन प्रदान करना मुख्य रूप से राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। हालाँकि, मंत्रालय वित्तीय वर्ष 2022-23 से शुरू होकर संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) नाम की केंद्र प्रायोजित योजना लागू कर रहा है।इसकामुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में ग्राम पंचायतों को प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाने के लिए नेतृत्व भूमिकाओं के लिए अपनी शासन क्षमताओं को विकसित करने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों (ईआर) और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान करके पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की क्षमता निर्माण का समर्थन करना है। 

इस योजना के तहत, पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण को विभिन्न श्रेणियों के तहत समर्थन दिया जाता है, अर्थात बुनियादी अभिविन्यास और पुनश्चर्या प्रशिक्षण, विषयगत प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण, पंचायत विकास योजना प्रशिक्षण आदि। इसके अलावा, यह योजना एक्सपोजर दौरा, प्रशिक्षण मॉड्यूल और सामग्री आदि के विकास का भी समर्थन करती है।

इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत पंचायती राज संस्थाओं की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण संबंधी सुधार किएगए हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए नेतृत्व/प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) के तहत आईआईएम/आईआईटी जैसे उत्कृष्ट संस्थानों के माध्यम से कार्य शुरू किया गया है। ग्राम पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए, आईआईएम अहमदाबाद के सहयोग से स्वयं के राजस्व स्रोत (ओएसआर) पर एक समर्पित प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने पंचायती राज संस्थानों की महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता निर्माण के लिए एक विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शुरू किया है। यह योजना मांग-संचालित है, और केंद्रीय सशक्त समिति द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्य योजनाओं की कुल राशि के हिसाब से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निधि जारी की जाती है।

प्रशिक्षण सुधारों के अलावा, यह योजना पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण के लिए संस्थागत सुदृढ़ीकरण और बुनियादी अवसंरचना के निर्माण का समर्थन करती है। इसमें प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए संस्थागत तंत्र स्थापित करने तथा ग्राम पंचायत भवन, कंप्यूटर सुविधाएं और पंचायत कार्यालय परिसर में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की सह-स्थापना जैसी पंचायत अवसंरचना बनाने के लिए समर्थन शामिल है, जो सीमित पैमाने पर उपलब्ध है।

योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में जारी एवं उपयोग किए गए निधियों तथा प्रशिक्षित प्रतिभागियों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण, महाराष्ट्र सहित, क्रमशः अनुलग्नक-I और अनुलग्नक-II में संलग्न है।

मंत्रालय आरजीएसए के तहत ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट (एमएमपी) लागू कर रहा है, जिसने जमीनी स्तर पर पारदर्शिता, दक्षता और शासन में महत्वपूर्ण सुधार किया है। ई-ग्राम स्वराज एप्लिकेशन, जिसे ई-पंचायत एमएमपी के तहत विकसित किया गया है, ने पंचायत स्तर पर डिजिटल योजना, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान को सुगम बनाया है। ई-ग्रामस्वराज का सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के साथ एकीकरण विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय में भुगतान करने के लिए सक्षम बनाता है, जिससे निर्बाध धन प्रवाह सुनिश्चित होता है और देरी कम होती है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान, महाराष्ट्र सहित देश भर में 2,53,992 ग्राम पंचायतों ने अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ (जीपीडीपी) अपलोड कीं। इसी अवधि के दौरान, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) ने ई-ग्रामस्वराज-पीएफएमएस इंटरफ़ेस के माध्यम से विक्रेताओं को 44,000 करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण किया। पंद्रहवें वित्त आयोग के लिए ई-ग्रामस्वराज की राज्य-वार अपनाने की स्थिति अनुलग्नक -III में दी गई है।

मंत्रालय ने ग्राम सभा और पंचायत बैठकों के सटीक और समय पर दस्तावेजीकरण में सहायता के लिए सभासार नामक एक एआई-आधारित वॉयस-टू-टेक्स्ट और बैठक सारांश मंच भी पेश किया है। सभासार का उद्देश्य जमीनी स्तर के शासन में पारदर्शिता, दक्षता और अनुवर्ती कार्रवाई को बढ़ाना है। वर्तमान समय तक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1,15,115 ग्राम पंचायतों ने ग्राम सभा और पंचायत बैठकों के स्वचालित सारांश के लिए सभासार प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया है।

मंत्रालय पंचायतों को अपनी सेवाओं की सफल वितरण के लिए अपना स्वयं का नागरिक चार्टर अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिसके लिए मंत्रालय ने मॉडल नागरिक चार्टर तैयार किया है और राज्यों के साथ साझा किया है। ऐसे नागरिक चार्टर को राज्यों द्वारा अपनाने की प्रक्रिया की निगरानी एक समर्पित पोर्टल के माध्यम की जा रही है। अब तक 2.15 लाख ग्राम पंचायतों (जीपी) ने नागरिक चार्टर अपलोड किया है और 954 सेवाएँ प्रदान कर रही हैं।

इसके अलावा, मंत्रालय द्वारा विकसित मेरी पंचायत जैसी एप्लिकेशनों ने पंचायती शासन में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया है, जिससे पंचायतों में योजना, गतिविधियों और कार्यों की प्रगति की जानकारी जनता के लिए सुलभ हो। इसी तरह, पंचायत निर्णय एक ऑनलाइन एप्लिकेशन है, जिसका उद्देश्य पंचायतों द्वारा ग्राम सभाओं के संचालन में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन लाना है।

इसके अलावा, पंचायत खातों और उनके वित्तीय प्रबंधन के ऑनलाइन लेखापरीक्षा के लिए ‘ऑडिटऑनलाइन’ नामक एक एप्लिकेशन विकसित किया गया है। केंद्रीय वित्त आयोग निधियों के उपयोग के पारदर्शी लेखापरीक्षा के लिए ऑडिटऑनलाइन, जो पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए है, का प्रमोचन अप्रैल 2020 में किया गया था।

पंचायतों के ई-सक्षमकरण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजना के अंतर्गत कंप्यूटरों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र सहित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश-वार मंजूर किए गए कंप्यूटर अनुलग्नक-IV में संलग्न हैं।

मंत्रालय 2018 से जमीनी स्तर पर पंचायत विकास योजनाएं (पीडीपी) तैयार करने के लिए जन योजना अभियान शुरू कर रहा है, जिसे “सबकी योजना, सबका विकास” के नाम से भी जाना जाता है। यह अभियान प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर से वित्तीय वर्ष के अंत तक एक संरचित तरीके से आयोजित किया जाता है, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजनाएं तैयार की जा सकें। योजना प्रक्रिया पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) के स्थानीयकरण को प्राप्त करने के लिए जमीनी स्तर पर लागू की गई केंद्र सरकार की योजनाओं के अभिसरण पर जोर देती है, जिससे सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में सहायता मिलती है। 2025-26 की राज्य / केंद्र शासित प्रदेश-वार ग्राम पंचायत विकास योजना, तैयार और अपलोड की गई है, अनुलग्नक-V में दी गई है।

इसके अलावा, मंत्रालय ने स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) को प्राप्त करने में जमीनी स्तर के संस्थानों की प्रगति का आकलन और माप करने के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) तैयार किया है, जिससे सतत विकास लक्ष्‍य- 2030 की प्राप्ति में योगदान हो रहा है। पीएआई एक बहु-डोमेन और बहु-क्षेत्रीय सूचकांक है जिसे ग्राम पंचायतों के विकास, प्रदर्शन और प्रगति का समग्र रूप से आकलन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। विभिन्न एलएसडीजी विषयों में अंक प्राप्त करके, पीएआई पंचायत स्तर पर विकास अंतराल की पहचान करने में मदद करता है और विभिन्न मंत्रालयों / विभागों के संसाधनों, योजनाओं और हस्तक्षेपों के अभिसरण को बढ़ावा देता है। यह जमीनी स्तर पर योजनाओं और निधियों के प्रभावी उपयोग के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा अभिसरण योजनाओं की तैयारी को सुगम बनाता है।

महाराष्ट्र में, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए 28,326 पंचायतों को ईग्रामस्वराज पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया गया है। इसके अलावा, 28,295 पंचायतों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी पंचायत विकास योजनाएं तैयार कर पोर्टल पर अपलोड की हैं।

महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल (टीएमपी) के माध्यम से प्रशिक्षण की वास्तविक समय निगरानी की जाती है। इसके अलावा, मंत्रालयों के अधिकारियों द्वारा बैठकों / वीडियो कॉन्फ्रेंस, फील्ड विज़िट के साथ-साथ पूर्व-सीईसी बैठकों के माध्यम से आरजीएसए के कार्यान्वयन की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति, आरजीएसए के कार्यान्वयन की समीक्षा भी करती है साथ ही साथ  राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की वार्षिक कार्य योजनाओं को मंजूरी देती है। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों के लिए ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आनंद (आईआरएमए) और नीति आयोग के माध्यम से मंत्रालय द्वारा संशोधित आरजीएसए का तीसरे पक्ष का मूल्यांकन किया गया है।

अनुलग्‍नक -I

पिछले तीन वर्षों के दौरान योजना के तहत जारी और उपयोग की गई धनराशि का राज्य / केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण (2022-23 to 2024-25)

क्र.सं.राज्‍य/केंद्र शासित प्रदेश2022-232023-242024-25
अनुमोदित एएपीजारी निधियांउपयोग की गई निधियां^अनुमोदित एएपीजारी निधियांउपयोग की गई निधियां^अनुमोदित एएपीजारी निधियांउपयोग की गई निधियां^
1अंडमान और निकोबार द्वीप समूह5.150.001.032.980.791.284.532.121.18
2आंध्र प्रदेश440.520.005.62353.540.0021.35215.802.5259.64
3अरुणाचल प्रदेश287.27108.69132.45184.3472.0989.97235.0270.0077.94
4असम192.3555.2995.15215.1577.7091.41209.0260.0071.87
5बिहार423.5933.3770.07341.0525.0051.81232.400.0075.08
6छत्तीसगढ़78.190.0029.5264.1417.5722.2588.0316.5034.12
7दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव8.021.144.506.311.000.386.721.000.24
8गोवा3.530.001.122.420.891.004.001.351.29
9गुजरात58.050.000.0174.540.001.28120.360.0015.48
10हरियाणा279.510.003.0653.840.008.8437.035.008.22
11हिमाचल प्रदेश194.6060.6537.4995.1919.3169.3082.1327.2142.94
12जम्मू एवं कश्मीर234.8240.0057.75290.0365.0098.61327.1265.0057.89
13झारखंड127.340.0018.44125.6831.0025.95127.410.0026.47
14कर्नाटक204.3236.0025.67157.7020.0039.02169.2616.2549.53
15केरल126.9730.4023.13115.0310.0037.0472.1510.0032.65
16लद्दाख14.120.001.5214.691.000.8016.090.000.58
17मध्य प्रदेश416.7628.00145.17559.4832.1774.16238.2640.0096.82
18महाराष्ट्र261.8837.84129.03337.21116.12194.26379.7480.00134.79
19मणिपुर50.658.633.3140.439.568.3433.580.003.91
20मेघालय49.090.006.4154.966.006.2648.708.007.60
21मिजोरम79.4514.2725.48100.1710.0015.64103.1112.0019.63
22नागालैंड43.110.000.0064.0210.005.4645.3710.0015.32
23ओडिशा88.7311.4024.8379.5627.3344.22102.4020.0060.15
24पंजाब144.3534.2542.91104.1010.0023.0674.745.0023.89
25राजस्थान158.970.0032.53139.9621.7240.12162.9515.0030.88
26सिक्किम28.296.014.9826.266.007.9025.917.007.19
27तमिलनाडु104.6925.428.53180.600.0025.98211.4245.0063.69
28तेलंगाना322.480.003.19269.4420.0020.47199.010.008.99
29त्रिपुरा35.739.803.7640.237.4310.9643.8210.0020.24
30उत्‍तर प्रदेश514.6985.0596.33368.9584.13158.95360.8538.77180.84
31उत्तराखंड116.7242.4857.15244.9664.6766.29190.4050.0063.72
32पश्चिम बंगाल120.034.2850.89137.1033.6957.32140.0852.6882.56
 उप कुल 672.97  800.17  670.40 
 अन्य कार्यान्वयन एजेंसी 10.01 14.69  23.77 
 कुल5213.97682.981141.034844.06814.861319.684307.41694.171375.34

^ इसमें पिछले वर्ष की अव्ययित राशि और राज्य का हिस्सा शामिल है।

नोट:योजना प्रकृति में मांग-संचालित है। राज्यों द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्य योजना (एएपी) और निधियों का जारी होना विभिन्न पहलुओं पर निर्भर करता है जैसे कि एएपी की स्वीकृति, पिछले वर्ष की बिना खर्च की गई शेष राशि, उपयोग की गति, उपयोगिता प्रमाण-पत्रों के साथ आवश्यक दस्तावेजों का प्रस्तुतीकरण आदि। डीओई दिशानिर्देशों का अनुपालन।    

अनुलग्‍नक -II

संशोधित आरजीएसए के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की संख्या का वर्ष-वार और राज्य / केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण

क्र.संराज्‍य2022-232023-242024-25
1अंडमान और निकोबार द्वीप समूह187428655221
2आंध्र प्रदेश649156165001325643
3अरुणाचल प्रदेश3,711613812344
4असम227733348183144936
5बिहार404406163809435896
6छत्तीसगढ़12109916329290559
7दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव57510001073
8गोवा177735484519
9गुजरात250193890368
10हरियाणा48591243111909
11हिमाचल प्रदेश953192458120455
12जम्मू एवं कश्मीर28413835002682534
13झारखंड830254056135817
14कर्नाटक213467363317321380
15केरल179478149153129632
16लद्दाख0026
17लक्षद्वीप000
18मध्य प्रदेश28161086884242279
19महाराष्ट्र1041165984321363111
20मणिपुर8945591195
21मेघालय11,5887441078537
22मिजोरम265998009841
23नागालैंड183234354725
24ओडिशा79116160774279505
25पुदुच्‍चेरी000
26पंजाब3637813359122848
27राजस्थान24819638971795
28सिक्किम13,552112496709
29तमिलनाडु10656010151378490
30तेलंगाना1450624411701
31त्रिपुरा77436371554228
32उत्तराखंड4824114437422342
33उत्‍तर प्रदेश2634098271276302
34पश्चिम बंगाल174974272762228081
35एनआईआरडीपीआर और अन्य522914381941
 कुल420229339923823554942

 अनुलग्‍नक -III

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए XV वित्त आयोग के लिए ई-ग्रामस्वराज का राज्य-वार अपनाने की स्थिति

क्र.संराज्‍य का नामग्राम पंचायतों और समकक्षों की कुल संख्याग्राम पंचायत ऑनबोर्डग्राम पंचायतें और समकक्ष ऑनलाइन भुगतान के साथकुल ब्लॉक पंचायतों की संख्या और समकक्षब्लॉक पंचायत ऑनबोर्डऑनलाइन भुगतान के साथ ब्लॉक पंचायतेंकुल जिला पंचायतों की संख्या और समकक्षजिला पंचायत ऑनबोर्डऑनलाइन भुगतान के साथ जिला पंचायतें
1आंध्र प्रदेश133271332012991660660648131313
2अरुणाचल प्रदेश210821081467000272622
3असम266321642027182182177302927
4बिहार805480548038534534527383838
5छत्तीसगढ़116921168711209146146146333327
6गोवा191191107000222
7गुजरात146191459313493248248248333333
8हरियाणा622762275949143143139222222
9हिमाचल प्रदेश361536153546818181121212
10झारखंड434543454080264264261242424
11कर्नाटक59495949593923823288313123
12केरल941941934152152152141414
13मध्य प्रदेश230112301121950313313309525252
14महाराष्ट्र279772794125880351351254343433
15मणिपुर31751611131264
16मेघालय6828NANA332
17मिजोरम855841811000
18नागालैंड13129840000
19ओडिशा679467946782314314313303028
20पंजाब132361323311674155151148232321
21राजस्थान111851118310653361353351333333
22सिक्किम199199196666
23तमिलनाडु124821248212413388388388363636
24तेलंगाना12849126292232570540377323226
25त्रिपुरा119411941192757575999
26उत्तराखंड781777715816959594131312
27उत्‍तर प्रदेश576955769357369826826817757574
28पश्चिम बंगाल333933393337345345345222121
कुल263679252649230198644163935938659650614

स्रोत: 04.02.2026 को ईग्राम स्वराज पोर्टल पर।) मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, सिक्किम और नागालैंड – कोई मध्यवर्ती पंचायत नहीं, एडीसी मेघालय ने ईजीएस पर भुगतान शुरू कर दिया है

अनुलग्‍नक -IV

संशोधित आरजीएसए के तहत अनुमोदित कंप्यूटरों की वर्ष-वार और राज्य / केंद्र शासित प्रदेश-वार स्थिति 

क्र.संराज्‍य/केंद्र शासित प्रदेश2022-232023-242024-25
1आंध्र प्रदेश50001422
2अरुणाचल प्रदेश8000400
3असम5000687
4बिहार26702000
5छत्तीसगढ़06005896
6गोवा000
7गुजरात000
8हरियाणा001363
9हिमाचल प्रदेश33400
10जम्मू एवं कश्मीर31810000
11झारखंड24002066
12कर्नाटक000
13केरल000
14मध्य प्रदेश00289
15महाराष्ट्र00945
16मणिपुर60081
17मेघालय11775000
18मिजोरम59100
19नागालैंड2440151
20ओडिशा050100
21पंजाब008334
22राजस्थान155400
23सिक्किम185500
24तमिलनाडु001594
25तेलंगाना181201640
26त्रिपुरा47500
27उत्‍तर प्रदेश314500
28उत्तराखंड05003760
29पश्चिम बंगाल00112
30अंडमान और निकोबार000
31दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव004
32लक्षद्वीप0 0
33लद्दाख63604
34पुदुच्‍चेरी000
कुल12265276030848

अनुलग्‍नक -V

योजना वर्ष 2025-26 के लिए ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड की गई राज्य / केंद्र शासित प्रदेश-वार ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी)

क्र.संराज्‍य/केंद्र शासित प्रदेशग्राम पंचायतों की कुल संख्या और समकक्षअपलोड की गई जीपीडीपी
1अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह7069
2आंध्र प्रदेश1332613320
3अरुणाचल प्रदेश21082093
4असम26642255
5बिहार80538053
6छत्तीसगढ़1169311647
7गोवा191191
8गुजरात1461914563
9हरियाणा62306221
10हिमाचल प्रदेश36153608
11जम्मू और कश्मीर42914291
12झारखंड43474343
13कर्नाटक59495941
14केरल941941
15लद्दाख193191
16लक्षद्वीप100
17मध्य प्रदेश2301122978
18महाराष्ट्र2799427909
19मणिपुर3810161
20मेघालय00
21मिजोरम855812
22नागालैंड13270
23ओडिशा67946793
24पुदुच्‍चेरी1080
25पंजाब1323613172
26राजस्थान1312911173
27सिक्किम199199
28तमिलनाडु1248212441
29तेलंगाना1284910548
30दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव5038
31त्रिपुरा11941193
32उत्तराखंड78177763
33उत्‍तर प्रदेश5769557691
34पश्चिम बंगाल33393337
कुल संख्‍या264189253935

स्रोत: 29 जनवरी, 2026 तक eGS पोर्टल के अनुसार (http://egramswaraj.gov.in)

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 10 फरवरी 2026 को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।


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By udaen

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