जयपुर से अमेरिका तक पहुंची भारतीय मूल की पिया डांडिया, फ्लोरिडा की 22वीं कांग्रेसनल सीट जीतकर रचा इतिहास
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचेगी भारतीय मूल की एक और आवाज, रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी आस्कर को हराया; शिक्षिका से व्हाइट हाउस और एप्पल तक का रहा है सफर
नई दिल्ली। भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी आस्कर को हराकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में अपनी जगह बनाई है।
इस जीत के साथ वह फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई प्रतिनिधि बन गई हैं। वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला भी होंगी। उनसे पहले प्रमिला जयपाल यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं।
जयपुर से जुड़ी हैं पिया की जड़ें
पिया डांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। हालांकि उनकी पारिवारिक जड़ें राजस्थान की राजधानी जयपुर से जुड़ी हैं। उनके माता-पिता 1980 के दशक में बेहतर भविष्य की तलाश में जयपुर से अमेरिका जाकर बस गए थे।
इस तरह पिया का सफर भारतीय प्रवासी परिवार की उस नई पीढ़ी की कहानी है, जिसने शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनाई है।
शिक्षिका से व्हाइट हाउस और एप्पल तक का सफर
पिया डांडिया का पेशेवर सफर शिक्षा के क्षेत्र से शुरू हुआ। वह शिक्षिका रहीं और न्यूयॉर्क के हार्लेम में हाई स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में भी काम किया।
उन्होंने कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए एक हाई स्कूल की स्थापना की। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना था।
उनके अभियान से जुड़े विवरणों के अनुसार, स्कूल से स्नातक करने वाले सभी विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला मिला था। इनमें 86 प्रतिशत विद्यार्थी कम आय वाले परिवारों से थे।
पिया महज 28 वर्ष की उम्र में इस स्कूल की संस्थापक प्रिंसिपल बन गई थीं और उस समय वह अमेरिका की सबसे कम उम्र की हाई स्कूल प्रिंसिपलों में शामिल थीं।
इसके बाद उन्होंने अमेरिकी शिक्षा विभाग में व्हाइट हाउस फेलो के रूप में सेवाएं दीं और बाद में एप्पल कंपनी में सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े नवाचार और तकनीकी व्यवस्थाओं पर काम किया।
कांटे की टक्कर में मिली जीत
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का चुनाव काफी चर्चा में रहा। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक पिया डांडिया को 51.92 प्रतिशत और रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी आस्कर को 48.08 प्रतिशत वोट मिले।
यह जीत ऐसे समय में मिली है, जब अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की भागीदारी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।
पिया डांडिया की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि भारतीय मूल के प्रवासी परिवारों की नई पीढ़ी की अमेरिकी सार्वजनिक जीवन में बढ़ती भागीदारी का भी उदाहरण है।
संपादकीय तथ्य-जांच नोट: नाम की अंग्रेजी वर्तनी Pia Dandiya है। उम्र 28 वर्ष में वह स्कूल की संस्थापक प्रिंसिपल बनी थीं, न कि उनकी वर्तमान उम्र 28 वर्ष है।
स्रोत: Associated Press, CBS News, NBC 6 South Florida और The New Indian Express।
