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लगभग 700 करोड़ रुपये की अमूल बंगाल डेयरी परियोजना से प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण तथा 10 लाख किलोग्राम दही एवं अन्य कल्चर्ड डेयरी उत्पादों का उत्पादन होगा

परियोजना से पश्चिम बंगाल के 1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे, जिनमें 30 हजार से अधिक महिला दुग्ध उत्पादक शामिल

श्री अमित शाह e-RCS पोर्टल का शुभारंभ तथा विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत गोदामों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे

पश्चिम बंगाल में मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए भारत टैक्सी और राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के बीच होगा समझौता ज्ञापन

PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और श्वेत क्रांति 2.0 के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 19 जुलाई 2026 को कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के अंतर्गत विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन करेंगे। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

अमूल द्वारा पश्चिम बंगाल के हावड़ा फूड पार्क में लगभग 700 करोड़ रुपये के निवेश से अमूल बंगाल डेयरी परियोजना स्थापित की जा रही है। परियोजना के पूर्ण होने पर यहां प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 1,000 मीट्रिक टन अर्थात 10 लाख किलोग्राम दही एवं अन्य कल्चर्ड डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता होगी। परियोजना की प्रतिदिन की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता में 10 लाख लीटर दूध की पैकेजिंग, दो लाख लीटर UHT दूध का प्रसंस्करण, एक लाख लीटर आइसक्रीम, 20 मीट्रिक टन पनीर, 10 मीट्रिक टन घी और 10 मीट्रिक टन मिठाई का उत्पादन शामिल है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन भी किया जा सकेगा।

पश्चिम बंगाल में अमूल का सहकारी अभियान लगातार विस्तार कर रहा है। वर्तमान में राज्य के 1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान अमूल की सहकारी व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। इनमें 30 हजार से अधिक महिला दुग्ध उत्पादक भी शामिल हैं। इन किसानों के सहयोग से राज्य में प्रतिदिन लगभग नौ लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। अमूल बंगाल डेयरी परियोजना से पश्चिम बंगाल के दुग्ध क्षेत्र में आधुनिक प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे दुग्ध उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद के लिए बेहतर और स्थायी बाजार उपलब्ध होने के साथ उनकी आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना राज्य में डेयरी सहकारिता को सुदृढ़ करते हुए बंगाल में श्वेत क्रांति के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।

कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में मोबिलिटी सेवाओं के संचालन और विस्तार के लिए भारत टैक्सी और पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग—DoIT&E के बीच एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह श्वेत क्रांति 2.0 के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में नवगठित 200 से अधिक डेयरी सहकारी समितियों में से एक समिति को पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगे। इसके साथ ही राज्य में नवपंजीकृत 11 बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों में से एक समिति को भी प्रतिनिधि रूप में पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।

श्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय के कम्प्यूटरीकरण की परियोजना के अंतर्गत विकसित e-RCS पोर्टल का शुभारंभ भी करेंगे। यह पोर्टल सहकारी समितियों से संबंधित पंजीकरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल, पारदर्शी तथा अधिक सुगम बनाने में सहायता करेगा।

कार्यक्रम में श्री अमित शाह 10 जिलों में कुल 1,400 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले 14 भंडारण गोदामों का शिलान्यास करेंगे। इन गोदामों का निर्माण लगभग 5.98 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वे दक्षिण 24-परगना और कूचबिहार में कुल 73.61 लाख रुपये की लागत से निर्मित 100-100 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो गोदामों का उद्घाटन भी करेंगे।

इन पहलों से पश्चिम बंगाल में डेयरी सहकारिता, ग्रामीण भंडारण, डिजिटल सहकारी प्रशासन और सदस्य-आधारित मोबिलिटी सेवाओं को नई गति मिलेगी तथा किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण सहकारी संस्थाओं के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा।


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By udaen

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