NCERT को जल्द मिलेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा, PhD तक की पढ़ाई का रास्ता साफ
ग्लोबल टाई-अप, स्टूडेंट एक्सचेंज और प्लेसमेंट की भी तैयारी
नई दिल्ली। देश की स्कूली शिक्षा और पाठ्यक्रम निर्माण की शीर्ष संस्था (NCERT) जल्द ही यूनिवर्सिटी के रूप में नई पहचान पाने जा रही है। इस फैसले के बाद NCERT ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और PhD तक की डिग्रियां प्रदान कर सकेगी। शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से जुड़ी औपचारिकताओं के बाद जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी की जा सकती है। NCERT के विश्वविद्यालय बनने से शिक्षक शिक्षा, करिकुलम डेवलपमेंट और शैक्षिक अनुसंधान के क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
NCERT के निदेशक ने कहा कि जिस प्रकार और जैसे संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, उसी तरह NCERT यूनिवर्सिटी भी विदेशी शिक्षण संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग करेगी। इसके तहत स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, संयुक्त शोध परियोजनाएं और फैकल्टी एक्सचेंज शुरू किए जाएंगे।
NCERT के विश्वविद्यालय बनने के बाद पढ़ाई, परीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी बदलाव होगा। इसके साथ ही भविष्य में प्लेसमेंट सिस्टम लागू करने की योजना है, जिससे शिक्षा, रिसर्च और पॉलिसी सेक्टर में छात्रों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप है और इससे भारत में शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही, NCERT को एक वैश्विक शिक्षा और रिसर्च केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 1961 में स्थापित NCERT अब तक स्कूली शिक्षा तक सीमित भूमिका निभाता रहा है, लेकिन यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद इसकी भूमिका और दायरा दोनों व्यापक हो जाएंगे।
