*भलु लगद जब कुछ भला भला लोग अपणी भली सोच थे समाज की भलाई खुण धरातल म उतरण कु तन मन धन से जुट जंदी*।
- अक्सर सभी गांवो में फर्स्टएड की जानकारी का बड़ा अभाव है। अगर कोई छोटी सी घटना घट जाए तो सब एक दूसरे का मुंह ताकने के अलावा कुछ नहीं कर पाते।
गांव का पढ़ा लिखा बच्चा भी यह सब नहीं जानता वो भी उसी भीड़ में शामिल रहता है । आज की तारीख में काफी कुछ मदद मशीनों से मिल सकती है, लेकिन उन मशीनों की जानकारी और उनका ठीक से परिचालन भी लोगों को नहीं आता।
ऐसे माहौल में अगर हमारे कुछ बच्चे साफ, सफाई, स्वास्थ्य, खान पान, फर्स्टएड, वीपी, सुगर, टेमप्रेचर, वेट , बॉडी मास इंडेक्स और बेसिक लाइफ सपोर्ट, ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट की ज्यादा से ज्यादा जानकारी सीख जाएं तो गांवों की तस्वीर ही बदल जाएगी और गांव में किसी भी अनिष्ट को कुछ कम किया जाएगा।
इन सब बातों को देखते हुए ही कुछ समय पहले श्री जसवीर सिंह जी के साथ यह तय हुआ था कि हम लोग गांवों के कुछ बच्चों को यह सब सिखाएंगे जिससे गांवों में जागरूकता फैले। हर छोटी सी बात पर गांव वासी घबराए नहीं बल्कि उपलब्ध संसाधनों से उस विपदा का सामना करे।
इसी कड़ी में फीलगुड सेंटर में कुछ बच्चों को जसवीर भाई द्वारा फर्स्ट एड पर एक ट्रैनिंग दी गई है। कोरोनाकाल की वजह से सभी बच्चे सोसियल डिस्टेंसिंग, मास्क के साथ पांच दिवसीय ट्रैनिंग कार्यक्रम को अटेंड किया।
जसवीर भाई के इस सहयोग के लिए जिसमें वो अपना कीमती समय और अनुभव, निशुल्क बच्चों को दिया, उसकी जितनी भी सराहना की जाए कम ही है।
फीलगुड सेंटर में इस समय हेल्थ चेकप सम्बन्धी सभी मशीन भलु लगद/फीलगुड, UANA और SIF के सहयोग से उपलब्ध हैं। अब ये बच्चे इन मशीनों को चलाने में भी माहिर हो जाएंगे तो अगला प्रयास यह भी होगा कि किसी भी गांव में इन बच्चों की एक टीम हेल्थ चेकप उपकरण ले जाकर वहां बुजुर्गों का हेल्थ चेकप के साथ फर्स्टएड के बारे में लोगों को जागरूक कर सकेंगे।
पुनः जसवीर भाई और सभी बच्चों को शुभकामनाएं। यह 5 दिन की ट्रैनिंग बहुत ही असरकारक होगी ।
सुधीर सुंदरियाल।
