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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के निवेशकों का उत्तराखंड में स्वागत है और सरकार की ओर से उद्यमियों को तमाम तरह की छूट और सुविधाएं दी जा रही हैं। सीएम ने कहा कि इसके परिणाम भी उत्साहवर्धक हैं और अभी तक निवेश के लिए उत्तराखंड राज्य में 40000 करोड़ से भी अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।इंडस्ट्रियल समिट:

उन्होंने उद्यमियों से पर्वतीय क्षेत्रों में भी निवेश करने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि जल्द ही जौलीग्रांट हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाकर पूरी दुनिया से सीधी कनेक्टिविटी से जोड़ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शुक्रवार को भेल के कन्वेंशन हॉल में सीआईआई और प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित दो दिवसीय उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट व औद्योगिक प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। अपनी सरकार की ओर से उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देेने समेत कई ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे उद्योगपतियों को आकर्षित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां उद्योगों के लिए सकारात्मक माहौल है, कानून व्यवस्था बेहतर है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए संभावनाएं ज्यादा हैं, हमारे यहां के लोग मेहनती, ईमानदार और कर्मठ हैं। इन सबका लाभ उद्योगों को उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का 27 प्रतिशत भूभाग वनों से घिरा हुआ है। यहां चीड़ के वृक्ष ज्यादा हैं जिससे विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा रहे हैं। राज्य के संतुलित विकास के लिए यह आवश्यक है कि मैदानों के साथ साथ पर्वतीय क्षेत्र में भी उद्योग लगें और वहां के लोगों को रोजगार मिले। इस दिशा में प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसा ही कदम उठाकर पलायन रोका जा सकता है।

लगातार बढ़ रही प्रति व्यक्ति आय

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय की स्थिति लगातार बढ़ रही है। हमारा प्रयास पहाड़ की स्थिति को सुधार कर वहां भी प्रति व्यक्ति आय बढ़ाकर मैदान और पर्वतीय जिलों की असमानता को दूर करना है। इसी क्रम में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। एमएसएमई (माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंडस्ट्री) में सरकार ने जिलाधिकारियों को असीमित अधिकार दिए हैं, ताकि छोटे उद्यमियों को राजधानी के चक्कर न काटने पड़ें।

एक ही खिड़की पर अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी में किए गए संशोधनों को क्रांतिकारी कदम बताया और कहा कि इसका लाभ उत्तराखंड जैसे राज्यों में उद्योग लगाने वाले लोगों को मिलेगा। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने इज ऑफ डूइंग के तहत सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर यूजर फ्रेंडली माहौल बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया है। उन्होंने सभी उद्यमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि इसके अलावा भी हरसंभव सुविधाएं राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने सिडकुल स्थित एक होटल में सीआईआई की ओर से आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का भी फीता काट कर शुभारंभ किया।

सेवा क्षेत्र में भी योगदान दें उद्यमी 
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रयास किए जाते रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों को सर्विस क्षेत्र में भी अपना योगदान करने के लिए आग्रह किया। मदन कौशिक ने कहा कि एक साल बाद हरिद्वार महाकुंभ होने वाला है। उद्योगपतियों को इस बारे में योजना बनानी चाहिए कि वे तकनीकी आधार पर इस महाकुंभ में किस तरह अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दो दिन चलने वाली उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट औद्योगिक निवेश के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आएगी। कार्यक्रम को भेल के कार्यपालक निदेशक संजय गुलाटी, विधायक आदेश चौहान, विधायक सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा और प्रदेश की प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पवार आदि ने भी संबोधित किया।

ये लोग रहे मौजूद 
कार्यक्रम में सीआईआई के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश गोयल, सुमनजीत सिंह,  अशोक विंडलास, सिडकुल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सारस्वत, सिडकुल  मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग, विकास गर्ग, मुकेश गोयल हिमेश कपूर जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक अंजनी रावत नेगी आदि मौजूद रहे।


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By udaen

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