
अर्थव्यवस्था को धीमेपन से निकालकर तेज विकास दर की राह पर ले जाने के लिए सरकार आम बजट 2019-20 में सड़क, रेल और हवाई अड्डों जैसी इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के लिए आवंटित धनराशि को समय पर खर्च करने में जुट गयी है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को विभिन्न मंत्रालयों के आला अधिकारियों की बैठक बुलाकर इस बात का जायजा लिया कि चालू वित्त वर्ष में अब उन्होंने कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए दी गयी राशि में कितना खर्च किया है। साथ ही उन्होंने अगली दो तिमाहियों के दौरान कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में भी पूछा।
वित्त मंत्री ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए बजट में दी गयी राशि को समय पर खर्च करने के लिए हर महीने निगरानी की जाए। साथ ही उन्होंने सरकार को वस्तु या सेवाएं मुहैया कराने वाले कारोबारियों खासकर एमएसएमई को समय पर भुगतान करने का निर्देश भी दिया।वित्त मंत्रालय में हुई एक बैठक के बाद सीतारमण ने यहां कहा कि विभागों और मंत्रालयों को नियमित रूप से भुगतान करने चाहिए क्योंकि इससे निवेश का चक्र घूमता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को हर संभव प्रयास कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फेस्टिव सीजन की शुरुआत से पहले ही सभी लंबित भुगतान कर दिये जाएं। इस मौके पर मौजूद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव जी सी मुर्मू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि लगभग 60,000 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान लंबित था जिसमें से तकरीबन 40,000 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी चुकी है। पिछले तीन महीने में 20,157 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। वित्त मंत्री ने बजट में आवंटित कैपिटल एक्सपेंडिचर की राशि को भी समय पर खर्च करने का आग्रह विभिन्न मंत्रालयों से किया।
