अगस्त तक ट्रैकिंग पॉलिसी कैबिनेट में लाने का लक्ष्य, सभी वन पर्यटन स्थलों की ऑनलाइन बुकिंग होगी
देहरादून, 15 जुलाई। उत्तराखंड में इको-टूरिज्म को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में ट्रैकिंग, पर्वतारोहण, वन पर्यटन, नेचर गाइड प्रशिक्षण और इको-कैंप के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट से हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। यदि पर्यटन गतिविधियों को पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जाए तो यह स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
अगस्त तक तैयार होगी ट्रैकिंग पॉलिसी
मुख्य सचिव ने वन विभाग को निर्देश दिए कि राज्य की बहुप्रतीक्षित ट्रैकिंग पॉलिसी अगस्त माह तक तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नई पर्वत चोटियों और ट्रैकिंग मार्गों की पहचान कर उन्हें नियंत्रित तरीके से पर्यटकों के लिए खोला जाए। इसके लिए आवश्यक पर्यावरणीय एवं प्रशासनिक अनुमतियों की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेगा पर्यावरणीय ऑडिट
नई ट्रैकिंग साइटों के चयन से पहले उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरणीय ऑडिट तेज़ी से पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन गतिविधियों से जंगलों और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
सभी बुकिंग होंगी ऑनलाइन
मुख्य सचिव ने वन विभाग के अधीन आने वाले सभी ट्रैकिंग रूट, माउंटेनियरिंग साइट, वन विश्राम गृह, कैंपिंग स्थल और अन्य पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। इससे पर्यटकों की संख्या निर्धारित क्षमता के अनुरूप नियंत्रित रहेगी तथा पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
अक्टूबर तक तैयार होंगी 9 नई इको-टूरिज्म साइटें
बैठक में बताया गया कि जबरखेत मॉडल के आधार पर विकसित की जा रही नौ नई इको-टूरिज्म साइटों को अक्टूबर तक आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्थलों पर प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर होंगे स्थापित
मुख्य सचिव ने राज्य में पहली बार औपचारिक नेचर गाइड ट्रेनिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। इसके तहत स्थायी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे और भारत सरकार के पाठ्यक्रम के साथ राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त विषय जोड़कर प्रमाणित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसे अक्टूबर में वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
31 ट्रैकिंग साइटों के संचालन की बनेगी योजना
वन विभाग और वन निगम में से किसी एक एजेंसी को 31 ट्रैकिंग साइटों, इको-कैंप और इको-हब के संचालन की जिम्मेदारी देने के लिए एक माह के भीतर विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया। साथ ही वन निगम को अधिक सक्षम बनाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वन प्रमुख (हॉफ) कपिल लाल, वन सचिव सी. रविशंकर, धीराज गर्ब्याल, पीसीसीएफ नीना ग्रेवाल, सीसीएफ (इको-टूरिज्म) पी.के. पात्रो, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या होगा इसका असर?
यदि सरकार समयबद्ध तरीके से इन निर्णयों को लागू करती है, तो उत्तराखंड में इको-टूरिज्म को नई पहचान मिल सकती है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए नेचर गाइड, ट्रैक लीडर, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, ऑनलाइन प्रबंधन और पर्यावरणीय ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
