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झारखंड के तीन जिलों के श्रमिकों ने पासपोर्ट जब्त किए जाने, वेतन का भुगतान न किए जाने और भारत नहीं लौटने देने का आरोप लगाया है

आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव और झारखंड प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के प्रमुख को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है

PIB Delhi

देश के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में छपी उस खबर का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों के कम से कम 14 प्रवासी मजदूर दुबई में फंसे हुए हैं। खबरों के मुताबिक, एक ट्रांसमिशन लाइन निर्माण कंपनी ने उन्हें काम पर रखा था और अब उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं ताकि वे वापस घर न लौट सकें। उन्हें वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों ने झारखंड सरकार से उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।

आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट में कही गई बातें सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। इसलिए, आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव और झारखंड प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष (एमडब्ल्यूसीआर) के प्रमुख को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

3 फरवरी 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दुबई में फंसे मजदूरों में से एक ने फोन पर बताया कि कंपनी ने उनके वेतन का अधिकांश हिस्सा काट लिया है ताकि भारत से दुबई के हवाई टिकट खरीदने में हुए शुरुआती खर्च की भरपाई की जा सके। खबरों के मुताबिक, कंपनी उनसे रहने का खर्च ले रही है और कर्मचारियों के पास खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं।


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By udaen

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