Month: August 2026

पॉलीहाउस से किसानों की आय में होगी उल्लेखनीय वृद्धि, आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर दिया जोर

कार्यालय, जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल आरआईडीएफ–नाबार्ड के तहत ऑफ-सीजन सब्जी उत्पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू सूचना/पौड़ी/04 अगस्त,…

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत अखिल भारतीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (ईवीपीसीएस) स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत अखिल भारतीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (ईवीपीसीएस) स्थापित करने के लिए 2,000…

भारत टैक्सी

भारत टैक्सी PIB Delhi सहकार टैक्‍सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा सहकारिता के नेतृत्‍व में प्रचालित देश की पहली राइड हेलिंग प्‍लेटफॉर्म…

भारत और उज्बेकिस्तान सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध साझा करते हैं: लोकसभा अध्यषक्ष

भारत-उज़्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करेगा: लोकसभा अध्यक्ष उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री श्री बख्तियार सैदोव…

सहकारी गोदाम

सहकारी गोदाम PIB Delhi 31.05.2023 से सहकारिता क्षेत्र में विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के कार्यान्वयन के पश्चात उत्तर प्रदेश राज्य…

प्राकृतिक आपदाओं के लिए वित्तीय सहायता

PIB Delhi राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति (एनपीडीएम) के अनुसार, आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की होती है। इसमें जमीनी स्तर…

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का कार्यान्वयन

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का कार्यान्वयन PIB Delhi सरकार समाज के सर्वाधिक कमजोर वर्गों, अर्थात् गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल)…

ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण

ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण PIB Delhi ग्रामीण विकास मंत्रालय पूरे देश में (दिल्ली एवं चंडीगढ़ को छोड़कर) दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय…

राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना

राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना PIB Delhi राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई) और दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना (डीडीआरएस)…

जीआई टैग: वैश्विक ब्रांडों में पारंपरिक संपदा की वृद्धि

जीआई टैग: वैश्विक ब्रांडों में पारंपरिक संपदा की वृद्धि PIB Delhi भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक अवसर पैदा करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरा है। उत्पादों को उनके मूल स्थान से जोड़कर, जीआई टैग पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करते हैं, दुरुपयोग को रोकते हैं और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाते हैं। वे कारीगरों, बुनकरों, किसानों और उत्पादक समूहों को बेहतर बाजार पहचान हासिल करने और प्रीमियम बाजारों तक पहुंच प्राप्त करने में मदद करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के जीआई इकोसिस्टम का काफी विस्तार हुआ है, जो एक मजबूत कानूनी ढांचे और बढ़ती जन जागरूकता द्वारा समर्थित है। सरकार की पहल वित्तीय सहायता, निर्यात संवर्धन, पर्यटन एकीकरण और समर्पित विपणन प्लेटफार्मों के माध्यम से इस इकोसिस्टम को और मजबूत कर रही है। साथ ही, ये प्रयास जीआई उत्पादों को ग्रामीण विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और निर्यात–आधारित विकास के वाहकों के रूप में बदल रहे हैं। जीआई टैग– भारत के अनूठे उत्पादों की सुरक्षा बनारस में एक बुनकर एक बनारसी साड़ी बनाने में कई सप्ताह का…

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान: जिलाधिकारी ने किया दावे और आपत्ति निस्तारण केंद्र का निरीक्षण

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में संचालित दावे व आपत्तियों…

उपभोक्ता कार्य विभाग ने 17 से 31 अगस्त, 2026 तक सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्रों (जीएटीसी) के लिए आवेदन आमंत्रित किया

अब तक 51 जीएटीसी को मान्यता, सत्यापन क्षमता में वृद्धि, सेवाओं मंम तेजी, उपभोक्ता संरक्षण में सुधार देश की सत्यापन…