- महाराष्ट्र की तर्ज पर पूरे देश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे सरकार: JCI
नई दिल्ली। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है।

जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने मांग उठाई है कि महाराष्ट्र की तर्ज पर देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक कलमकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक लोकतंत्र की नींव मजबूत नहीं हो सकती।
डॉ. सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सत्ता के दुरुपयोग पर सवाल उठाने, जनहित के मुद्दों को उठाने और समाज में जागरूकता फैलाने का काम करती है। उन्होंने याद दिलाया कि देश की आजादी की लड़ाई में भी कलमकारों का योगदान कम नहीं रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक पत्रकारों ने अपनी कलम के जरिए जनचेतना जगाई और अंग्रेजी हुकूमत की नीतियों को बेनकाब किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और संरक्षण की गारंटी नहीं मिल पाना चिंता का विषय है। महाराष्ट्र में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर-मान्यताप्राप्त पत्रकारों को भी संगठन के माध्यम से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी।
डॉ. सक्सेना ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून केवल एक कानून नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह पत्रकारों के खिलाफ होने वाली हिंसा, धमकी और दबाव की घटनाओं को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही, पत्रकारों के लिए बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं को भी मजबूत किया जाए।
उन्होंने कहा कि जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) इस दिशा में लगातार प्रयासरत है और देशभर के पत्रकारों को संगठित कर उनकी आवाज बुलंद करने का काम कर रही है। उनका मानना है कि जब पत्रकार सुरक्षित होंगे, तभी वे निडर होकर सच को सामने रख पाएंगे और लोकतंत्र की असली ताकत बन पाएंगे।
