ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण
PIB Delhi
ग्रामीण विकास मंत्रालय पूरे देश में (दिल्ली एवं चंडीगढ़ को छोड़कर) दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) को कार्यान्वित कर रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करना और उन्हें निरंतर पोषित एवं सहायता प्रदान करना है, ताकि वे समय के साथ अपनी आय में सराहनीय वृद्धि प्राप्त कर सकें और अपने जीवन स्तर में सुधार ला सकें। अब तक, 10.08 करोड़ महिलाओं को 92 लाख एसएचजी में संगठित किया जा चुका है। मिशन अपने उद्देश्य को चार मुख्य घटकों में निवेश के माध्यम से प्राप्त करना चाहता है, अर्थात्, ग्रामीण गरीबों की स्व-प्रबंधित एवं वित्तीय रूप से स्थायी सामुदायिक संस्थाओं का सामाजिक लामबंदी, संवर्धन एवं सुदृढ़ीकरण ग्रामीण गरीबों का वित्तीय समावेशन; स्थायी आजीविका और अपनी निम्नलिखित उप-योजनाओं के माध्यम सेसामाजिक समावेशन, सामाजिक विकासः
i) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम): गरीबों की स्थायी संस्थाओं, उनकी क्षमता निर्माण, आजीविका, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा भोजन, पोषण, स्वास्थ्य, वॉश (एफएनएचडब्ल्यू) एवं लैंगिक समावेशन जैसे सामाजिक विकास परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु एक उप-योजना।
ii) स्टार्ट-अप ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी): एसवीईपी डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत एक उप-योजना है, जो स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों एवं उनके परिवार के सदस्यों को लघु गैर-कृषि उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान करती है। यह कार्यक्रम ब्लॉक स्तर पर कार्यान्वित किया जाता है और मई 2026 तक एसवीईपी के अंतर्गत 6.5 लाख से अधिक उद्यमों को सहायता प्रदान की जा चुकी है।
iii) महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी) – महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी), जो डीएवाई-एनआरएलएम की एक अन्य उप-योजना है, का उद्देश्य महिला किसानों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करना है, ताकि वे सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त कर सकें। एमकेएसपी का प्राथमिक उद्देश्य कृषि में महिलाओं को सशक्त बनाना है, जिसके लिए उनकी भागीदारी एवं उत्पादकता बढ़ाने हेतु व्यवस्थित निवेश किया जाता है, साथ ही उनकी कृषि-आधारित आजीविका का सृजन एवं संधारण किया जाता है। यह योजना सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों के एक समूह के विकास में भी सहायता प्रदान करती है, ताकि सामुदायिक संस्थाएं अपनी गतिविधियों का प्रबंधन कर सकें।
iv) दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई): डीडीयू-जीकेवाई विभिन्न क्षेत्रों में प्लेसमेंट-आधारित कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्रदान करती है। अपनी स्थापना (2014-15) के बाद से, इसके अंतर्गत महिलाओं सहित 18.45 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है और 12.35 लाख उम्मीदवारों को प्लेसमेंट प्रदान की गई है। सामाजिक समावेशन इस कार्यक्रम के केंद्र में है, जिसमें 9.69 लाख महिलाओं, 5.94 लाख अनुसूचित जाति (एससी) के व्यक्तियों, 3.24 लाख अनुसूचित जनजाति (एसटी) व्यक्तियों, 3.12 लाख अल्पसंख्यकों एवं 0.14 लाख दिव्यांगजनों की भागीदारी शामिल है।
v) ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई): आरएसईटीआई अल्पकालिक, मांग-आधारित प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शी सहायता के माध्यम से ग्रामीण परिवारों में उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देते हैं। आरएसईटीआई द्वारा 62.45 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है तथा 45.25 लाख ग्रामीण युवाओं को मुख्य रूप से स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से सफलतापूर्वक नियोजित किया गया है। लाभार्थियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, जिसमें 43.71 लाख (70% से अधिक) महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है, साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन समुदायों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही है। यह कार्यक्रम 634 जिलों में फैले 647 आरएसईटीआई के सुदृढ़ नेटवर्क द्वारा समर्थित है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान एनआरएलएम के अंतर्गत आवंटित, जारी/उपयोग की गई निधियों का राज्यवार विवरण, जिसमें कर्नाटक भी शामिल है, अनुबंध-I में दिया गया है। डीएवाई-एनआरएलएम योजना के अंतर्गत जिलावार निधियां आवंटित नहीं की जाती हैं।
पिछले पांच वर्षों के दौरान डीएवाई-एनआरएलएम योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या, राज्यवार एवं जिलावार, जिसमें चित्रदुर्ग जिला भी शामिल है, अनुबंध-II एवं अनुबंध-III में दी गई है;
डीएवाई-एनआरएलएम ने अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) एवं अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) के समावेशन एवं आर्थिक सशक्तिकरण हेतु केंद्रित पहल की है। मिशन कमजोर परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करने, ग्राम संगठनों एवं क्लस्टर स्तरीय संघों को सुदृढ़ करने तथा सामुदायिक निवेश निधि, बैंक ऋण, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देता है। आकांक्षी एवं जनजातीय जिलों में लक्षित आउटरीच, समर्पित क्षमता निर्माण, सामाजिक कल्याण जैसे विभागों के साथ अभिसरण, तथा कृषि, पशुधन, गैर-कृषि उद्यमों एवं पारंपरिक आजीविकाओं हेतु सहायता के माध्यम से जनजातीय एवं सामाजिक रूप से वंचित समुदायों पर विशेष बल दिया जाता है। इन कार्यकलापों ने एससी, एसटी एवं ओबीसी परिवारों के बीच वित्तीय समावेशन, महिला नेतृत्व, आय सृजन एवं हकदारियों तक पहुंच को बढ़ाया है, जिससे देश भर में गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक समावेशन में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
डीडीयू-जीकेवाई ग्रामीण गरीब युवाओं के लिए एक प्लेसमेंट-आधारित कौशल विकास कार्यक्रम है, और यह स्पष्ट रूप से हाशिए पर स्थित समूहों को प्राथमिकता देता है। इस योजना में एससी/एसटी के लिए 50%, अल्पसंख्यकों के लिए 15% एवं महिलाओं के लिए 33% कवरेज मानदंड अनिवार्य किए गए हैं, तथा महिला-प्रधान परिवारों, दिव्यांगजनों एवं मैला ढोने वालों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस पृष्ठभूमि की महिलाएं बिना किसी अग्रिम प्रशिक्षण लागत के निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, बोर्डिंग एवं लॉजिंग, प्लेसमेंट-पश्चात सहायता एवं रोजगार से जुड़े मार्गों तक पहुंच प्राप्त कर सकती हैं। इस प्रकार, डीडीयू-जीकेवाई वंचित ग्रामीण महिलाओं के लिए वेतन रोजगार एवं करियर गतिशीलता का मुख्य माध्यम है, जिसमें 9.69 लाख महिलाओं, 5.94 लाख एससी, 3.24 लाख एसटी, 3.12 लाख अल्पसंख्यकों एवं 0.14 लाख दिव्यांगजनों की भागीदारी शामिल है।
आरएसईटीआई के अंतर्गत, लाभार्थियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, जिसमें 43.71 लाख (70% से अधिक) महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है, साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन समुदायों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही है। यह कार्यक्रम 634 जिलों में फैले 647 आरएसईटीआई के सुदृढ़ नेटवर्क द्वारा सहायता प्रदत्त है।
अनुबंध-I
पिछले पांच वर्षों के दौरान एनआरएलएम के अंतर्गत आवंटित, जारी/उपयोग की गई निधियों का राज्यवार विवरण
(रु. लाख में)
| क्र.सं. | राज्य/संघ-राज्य क्षेत्र | केंद्रीय आवंटन | केंद्रीय जारी निधि | उपयोग की गई राशि* |
| 1. | आंध्र प्रदेश | 1,47,687.54 | 80,533.55 | 1,53,588.06 |
| 2. | तेलंगाना | 1,05,491.08 | 44,535.07 | 86,716.20 |
| 3. | बिहार | 6,02,286.84 | 7,13,502.62 | 11,63,793.19 |
| 4. | छत्तीसगढ़ | 1,33,771.69 | 1,14,991.94 | 1,94,651.46 |
| 5. | गोवा | 4,300.00 | 4,479.97 | 8,120.41 |
| 6. | गुजरात | 95,301.11 | 69,756.86 | 1,21,898.84 |
| 7. | हरियाणा | 56,067.39 | 19,063.29 | 35,076.29 |
| 8. | हिमाचल प्रदेश | 23,612.06 | 23,273.99 | 27,090.36 |
| 9. | जम्मू और कश्मीर | 64,945.24 | 50,238.09 | 64,002.68 |
| 10. | झारखंड | 2,27,097.66 | 1,93,636.84 | 3,36,893.27 |
| 11. | कर्नाटक | 1,91,185.78 | 1,33,536.09 | 2,41,795.66 |
| 12. | केरल | 85,784.47 | 57,502.67 | 1,03,706.00 |
| 13. | मध्य प्रदेश | 2,86,576.68 | 1,57,346.02 | 2,48,728.86 |
| 14. | महाराष्ट्र | 3,65,129.37 | 3,67,962.56 | 6,23,804.80 |
| 15. | ओडिशा | 2,89,584.29 | 3,02,780.06 | 5,06,939.17 |
| 16. | पंजाब | 27,248.14 | 18,975.85 | 31,789.85 |
| 17. | राजस्थान | 1,45,173.71 | 1,40,378.58 | 2,36,548.27 |
| 18. | तमिलनाडु | 2,23,865.58 | 1,70,544.23 | 3,29,823.46 |
| 19. | उत्तर प्रदेश | 8,67,091.94 | 6,01,317.88 | 10,10,909.16 |
| 20. | उत्तराखंड | 45,652.94 | 50,003.72 | 55,882.64 |
| 21. | पश्चिम बंगाल | 3,21,815.18 | 3,22,328.87 | 5,55,379.66 |
| 22. | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | 3,750.00 | 2,262.40 | 2,088.90 |
| 23. | दादरा और नगर हवेली और दमन तथा दीव | 2,700.25 | 1,636.64 | 1,468.32 |
| 24. | लक्षद्वीप | 1,488.95 | 644.43 | 478.07 |
| 25. | लद्दाख | 5,389.20 | 3,739.60 | 2,226.62 |
| 26. | पुडुचेरी | 8,800.00 | 6,248.78 | 6,347.98 |
| 27. | अरुणाचल प्रदेश | 52,322.90 | 44,159.13 | 53,178.31 |
| 28. | असम | 2,04,500.91 | 1,94,464.36 | 2,20,142.71 |
| 29. | मणिपुर | 64,745.93 | 18,421.01 | 24,622.55 |
| 30. | मेघालय | 86,471.39 | 82,010.57 | 83,761.69 |
| 31. | मिजोरम | 50,752.05 | 17,000.26 | 29,160.81 |
| 32. | नागालैंड | 75,479.87 | 42,892.46 | 53,119.64 |
| 33. | सिक्किम | 27,428.11 | 7,533.92 | 9,263.81 |
| 34. | त्रिपुरा | 1,28,774.84 | 89,812.29 | 1,19,500.08 |
| कुल योग | 50,22,273.09 | 41,47,514.59 | 67,42,497.76 |
अनुबंध-।।
पिछले पांच वर्षों के दौरान डीएवाई-एनआरएलएम योजना के अंतर्गत लाभान्वित एसएचजी महिला सदस्यों की राज्यवार संख्या
| क्र.सं. | राज्य/संघ-राज्य क्षेत्र का नाम | कुल |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | 13,093 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 83,95,271 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 1,01,017 |
| 4 | असम | 39,78,092 |
| 5 | बिहार | 1,49,15,749 |
| 6 | छत्तीसगढ़ | 31,45,150 |
| 7 | दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 18,355 |
| 8 | गोवा | 45,086 |
| 9 | गुजरात | 26,24,097 |
| 10 | हरियाणा | 6,18,067 |
| 11 | हिमाचल प्रदेश | 3,53,304 |
| 12 | जम्मू और कश्मीर | 8,10,276 |
| 13 | झारखंड | 35,52,435 |
| 14 | कर्नाटक | 29,05,061 |
| 15 | केरल | 32,39,770 |
| 16 | लद्दाख | 14,361 |
| 17 | लक्षद्वीप | 3978 |
| 18 | मध्य प्रदेश | 59,03,059 |
| 19 | महाराष्ट्र | 6,577,165 |
| 20 | मणिपुर | 1,38,777 |
| 21 | मेघालय | 4,07,558 |
| 22 | मिजोरम | 72,047 |
| 23 | नागालैंड | 1,17,395 |
| 24 | ओडिशा | 60,72,488 |
| 25 | पुडुचेरी | 55,683 |
| 26 | पंजाब | 5,92,228 |
| 27 | राजस्थान | 34,47,678 |
| 28 | सिक्किम | 51,614 |
| 29 | तमिलनाडु | 40,62,354 |
| 30 | तेलंगाना | 38,28,550 |
| 31 | त्रिपुरा | 4,95,498 |
| 32 | उत्तर प्रदेश | 1,15,63,625 |
| 33 | उत्तराखंड | 5,09,020 |
| 34 | पश्चिम बंगाल | 1,18,33,180 |
| कुल योग | 10,04,61,081 |
अनुबंध-।।।
पिछले पांच वर्षों के दौरान डीएवाई-एनआरएलएम योजना के अंतर्गत कर्नाटक में लाभान्वित एसएचजी महिला सदस्यों की जिलावार संख्या, जिसमें चित्रदुर्ग जिला भी शामिल है।
| क्र.सं. | जिले का नाम | कुल |
| 1 | बागलकोट | 1,01,922 |
| 2 | बल्लारी | 64,664 |
| 3 | बेलगावी | 2,35,228 |
| 4 | बेंगलुरु | 51,137 |
| 5 | बेंगलुरु ग्रामीण | 62,523 |
| 6 | बेंगलुरु दक्षिण | 72,395 |
| 7 | बीदर | 87,983 |
| 8 | चामराजनगर | 95,611 |
| 9 | चिक्कबल्लापुर | 99,101 |
| 10 | चिक्कमगलुरु | 76,800 |
| 11 | चित्रदुर्ग | 1,24,176 |
| 12 | दक्षिण कन्नड़ | 66,276 |
| 13 | दावणगेरे | 86,990 |
| 14 | धारवाड़ | 67,997 |
| 15 | गडग | 70,793 |
| 16 | हासन | 1,13,448 |
| 17 | हावेरी | 1,11,164 |
| 18 | कलबुर्गी | 1,13,459 |
| 19 | कोडागु | 33,061 |
| 20 | कोलार | 95,220 |
| 21 | कोप्पल | 84,630 |
| 22 | मांड्या | 1,19,120 |
| 23 | मैसूरु | 1,32,914 |
| 24 | रायचूर | 1,14,843 |
| 25 | शिवमोग्गा | 1,17,860 |
| 26 | तुमकुरु | 1,42,222 |
| 27 | उडुपी | 85,839 |
| 28 | उत्तर कन्नड़ | 96,261 |
| 29 | विजयनगर | 66,671 |
| 30 | विजयपुरा | 61,514 |
| 31 | यादगीर | 53,239 |
| कुल | 29,05,061 |
यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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