स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना के अंतर्गत आरंभ से अब तक 45.59 करोड़ रुपये जारी; 2,824 बच्चों सहित 10,446 व्यक्तियों का पुनर्वास किया गया
PIB Delhi
केंद्र सरकार ने हाशिये पर स्थित व्यक्तियों की आजीविका एवं उद्यम के लिए सहायता (स्माइल) – भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास (स्माइल-भिक्षावृत्ति) योजना के माध्यम से भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों की देखभाल, पुनर्वास तथा सामाजिक पुनर्समावेशन को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक उपाय किए हैं।
यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने लोकसभा में डॉ. एम. पी. अब्दुस्समद समदानी को एक लिखित उत्तर में दी।
उत्तर में बताया गया है कि 23 अक्टूबर 2023 को स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना के आरंभ से लेकर 31 जुलाई 2026 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 45.59 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें से 40.04 करोड़ रुपये कार्यान्वयन प्राधिकरणों/शहरों को जारी किए गए हैं, जबकि शेष राशि का उपयोग प्रशासनिक तथा योजना से संबंधित अन्य व्ययों के लिए किया गया है।
उत्तर में आगे कहा गया, 31 जुलाई 2026 तक स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना के अंतर्गत 2,824 बच्चों सहित कुल 10,446 व्यक्तियों का पुनर्वास किया गया है। इनमें से 7,622 वयस्क लाभार्थी हैं।
योजना के अंतर्गत बचाए गए बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप देखभाल, शिक्षा, परामर्श तथा परिवार के साथ पुनर्समावेशन की सुविधा प्रदान की जाती है। इसलिए उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण संबंधी हस्तक्षेपों के अंतर्गत शामिल नहीं किया जाता।
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को उनकी अभिरुचि, आयु, शारीरिक एवं मानसिक स्थिति तथा स्थानीय आजीविका के अवसरों के आधार पर व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण में बढ़ईगीरी, सिलाई, गृह व्यवस्था, सामुदायिक शौचालयों का प्रबंधन, स्वच्छता सेवाएं, केश कर्तन, सुरक्षा सेवाएं, पाक-कला, बागवानी, ई-रिक्शा चलाना/संचालन तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवसाय एवं आजीविका गतिविधियां शामिल हैं।
लाभार्थियों को सामुदायिक/समूह आधारित स्वयं सहायता समूहों के गठन में भी सहयोग प्रदान किया जाता है तथा स्वरोजगार एवं आय सृजन गतिविधियां शुरू करने के लिए उन्हें बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से वित्तीय सहायता प्राप्त कराने हेतु जोड़ा जाता है। इनमें टिफिन स्टॉल/खाद्य पदार्थों के ठेले, सब्जी के ठेले तथा मसाले, अचार, नमकीन और पापड़ तैयार करने जैसे समूह आधारित उद्यम शामिल हैं।
लिखित उत्तर में बताया गया है कि लोकसभा में प्रस्तुत राज्य/केंद्रशासित प्रदेश-वार विवरण के अनुसार तमिलनाडु में पुनर्वासित वयस्क लाभार्थियों की संख्या सर्वाधिक 1,557 रही। इसके बाद मध्य प्रदेश (1,135), उत्तर प्रदेश (884), महाराष्ट्र (817), असम (472), आंध्र प्रदेश (466), जम्मू-कश्मीर (434) तथा केरल (418) का स्थान रहा।
स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना के अंतर्गत सरकार के उपायों का उद्देश्य देखभाल, पुनर्वास, कौशल विकास, आजीविका सहायता तथा सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना है। साथ ही, भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों/आश्रय गृहों के प्रभावी पर्यवेक्षण तथा सम्मानजनक जीवन-स्थितियां सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एम.एस. पैटर बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (सिविल अपील संख्या 12216/2025) में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय परामर्श समिति तथा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक परामर्श के माध्यम से भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों/आश्रय गृहों के लिए आदर्श दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन दिशानिर्देशों को आवश्यक अनुपालन एवं प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 13 अप्रैल 2026 को सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को प्रेषित किया गया।
राष्ट्रीय परामर्श समिति में विधि एवं न्याय मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों तथा इस क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया।
आदर्श दिशानिर्देश भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के मानवीय, सम्मानजनक एवं अधिकार-आधारित पुनर्वास के लिए एक व्यापक रूपरेखा निर्धारित करते हैं। इनमें अवसंरचना एवं क्षमता, निवारक स्वास्थ्य सेवाएं एवं स्वच्छता, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास, विधिक सहायता एवं जागरूकता, बाल एवं लैंगिक संवेदनशीलता, जवाबदेही, पर्यवेक्षण, निगरानी, कार्यान्वयन तथा अनुपालन के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित किए गए हैं।
पहचान, प्रोफाइलिंग तथा पुनर्वास को सुगम बनाने के लिए मंत्रालय ने एक समर्पित मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की है, जिसके लॉगिन विवरण कार्यान्वयन करने वाले शहरों के साथ साझा किए गए हैं। यह एप्लीकेशन स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना के अंतर्गत पुनर्वास के लिए भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों का व्यापक सर्वेक्षण करने में सुविधा प्रदान करता है।
आदर्श दिशानिर्देशों में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा एक डिजिटल निगरानी प्रणाली स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे बचाए गए व्यक्तियों/निवासियों के प्रवेश, स्वास्थ्य स्थिति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, पुनर्वास, रिहाई, अनुवर्ती कार्रवाई तथा परिवार से पुनर्मिलन से संबंधित मानकीकृत जानकारी दर्ज की जा सके। मंत्रालय का राष्ट्रीय ऑनलाइन पोर्टल स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना से संबंधित जानकारी के केंद्रीय भंडार के रूप में कार्य करता है तथा समय-समय पर प्रतिवेदन और योजना से संबंधित सूचनाओं के संधारण के माध्यम से राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में योजना के कार्यान्वयन की रिअल टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करता है।

द्विवार्षिक अवसंरचना एवं सामाजिक लेखा-परीक्षण
आदर्श दिशानिर्देशों के अनुसार प्रत्येक भिक्षावृत्ति आश्रय गृह/आश्रय गृह का प्रत्येक दो वर्ष में कम-से-कम एक बार किसी तृतीय पक्ष द्वारा अवसंरचना एवं सामाजिक लेखा-परीक्षण कराया जाना अनिवार्य है। इस लेखा-परीक्षण में संरचनात्मक सुरक्षा, दिव्यांगजन एवं आयु-अनुकूल सुविधाएं, विद्युत प्रणाली, स्वच्छता, जलापूर्ति तथा निवासियों की सुरक्षा एवं संरक्षा का आकलन किया जाता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अथवा नामित प्राधिकारी अनुपालन की निगरानी करने तथा लेखा-परीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होते हैं। दिशानिर्देशों में भिखारियों/आश्रय गृहों के लिए न्यूनतम स्थान मानक भी निर्धारित किए गए हैं, जिससे अत्यधिक भीड़भाड़ को रोका जा सके और सम्मानजनक जीवन-स्थितियां सुनिश्चित की जा सकें।
