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PIB Delhi

भारत सरकार ने अंतर-बेसिन जल अंतरण के लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्‍य योजना (एनपीपी) तैयार की थी और एनपीपी (प्रायद्वीपीय घटक के तहत 16 लिंक परियोजनाएं और हिमालयी घटक के अंतर्गत 14 लिंक परियोजनाएं) के अंतर्गत नदियों को आपस में जोड़ने (आईएलआर) वाली 30 परियोजनाएं चिन्हित की गई थीं। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) को आईएलआर का कार्य सौंपा गया है। सभी 30 आईएलआर परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति अनुलग्नक में दी गई है।

केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) एनपीपी के अंतर्गत एकमात्र प्राथमिकता लिंक परियोजना है जो कार्यान्वयन के चरण में है। इस परियोजना में 44,605 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से लगभग 11.88 लाख हेक्टेयर में सिंचाई, लगभग 62 लाख लोगों को पेयजल आपूर्ति, 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा प्रदान करने की परिकल्पना की गई है।

इसके अतिरिक्त, पोलावरम सिंचाई परियोजना (पीआईपी), जिसमें गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) लिंक शामिल है, को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इसे आंध्र प्रदेश सरकार और पोलावरम परियोजना प्राधिकरण (पीपीए) द्वारा निष्पादित किया जाता है। इस परियोजना में लगभग 7.2 लाख एकड़ में सिंचाई और गोदावरी और कृष्णा डेल्टा प्रणालियों में 23.5 लाख एकड़ के स्थिरीकरण, कृष्णा बेसिन में गोदावरी के 80 टीएमसी जल के डायवर्जन, विशाखापत्तनम सहित पेयजल और औद्योगिक जल आपूर्ति, 611 गांवों में लगभग 28.5 लाख लोगों को घरेलू जल आपूर्ति और 960 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन की परिकल्पना की गई है। पोलावरम सिंचाई परियोजना को 20,658 करोड़ रुपये की संचयी केंद्रीय सहायता प्राप्त हुई है।

नदियों को आपस में जोड़ने (आईएलआर) की प्रत्‍येक परियोजना के लिए व्‍यवहा‍र्यता रिपोर्ट (एफआर) और विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करते समय, पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों के आकलन के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव आकलन भी किया जाता है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए, एक इंटीग्रेटेड लेंडस्केप मैनेजमेंट प्लान (आईएलएमपी) के साथ एक व्यापक ईआईए पूरा किया गया है, जिसमें जलग्रहण क्षेत्र उपचार, भूदृश्‍य स्तर पारिस्थितिक प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, कमान क्षेत्र विकास और पर्यावरणीय मापदंडों की दीर्घकालिक निगरानी से संबंधित उपायों की रूपरेखा तैयार की गई है। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित सभी आईएलआर परियोजनाओं के लिए, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आर एंड आर) घटक स्वीकृत परियोजना संरचना में शामिल हैं, और परियोजना निष्पादन उपयुक्त पर्यावरण, वन मंजूरी और आर एंड आर प्रावधानों के अनुरूप है।

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अनुलग्नक

नदियों को आपस में जोड़ने वाली परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति

प्रायद्वीपीय घटक

क्र.सं.नामलाभान्वित राज्‍यस्थिति
1महानदी (मणिभद्रा) – गोदावरी (दौलैस्वरम) लिंक आंध्र प्रदेश (एपी) और ओडिशाव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
वैकल्पिक महानदी (बरमूल) – ऋषिकुल्या – गोदावरी (दौलैस्वरम) लिंकआंध्र प्रदेश और ओडिशाव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
2गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) लिंक@आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगानाव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
3क) गोदावरी (इंचमपल्ली) – कृष्णा (नागार्जुनसागर) लिंकतेलंगानाव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख) वैकल्पिक गोदावरी (इंचमपल्ली)-कृष्णा (नागार्जुनसागर) लिंक *तेलंगानाडीपीआर पूर्ण
4गोदावरी (इंचमपल्ली/एसएसएमपीपी) – कृष्णा (पुलिचिंताला) लिंकतेलंगाना और आंध्र प्रदेशडीपीआर पूर्ण
5क) कृष्णा (नागार्जुनसागर) – पेन्नार (सोमासिला) लिंक आंध्र प्रदेशव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख) वैकल्पिक कृष्णा (नागार्जुनसागर) – पेन्नार (सोमसिला) लिंक *आंध्र प्रदेश डीपीआर  पूर्ण
6कृष्णा (श्रीशैलम) – पेन्नार लिंकआंध्र प्रदेशडीपीआर पूर्ण
7कृष्णा (अलमट्टी) – पेन्नार लिंककर्नाटक और आंध्र प्रदेशडीपीआर पूर्ण
8क) पेन्नार (सोमसिला) – कावेरी (ग्रैंड एनीकट) लिंक आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु और पुद्दुचेरीव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख) वैकल्पिक पेन्नार (सोमसिला) – कावेरी (ग्रैंड एनीकट) लिंक *आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु और पुद्दुचेरीडीपीआर  पूर्ण
9कावेरी (कट्टलाई) – वैगई – गुंडर लिंकतमिल नाडुडीपीआर  पूर्ण
10क) पार्बती-कालीसिंध – चंबल लिंकमध्‍य प्रदेश (एमपी) और राजस्‍थानव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख) संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल लिंक (ईआरसीपी के साथ विधिवत रूप से एकीकृत)एमपी और राजस्‍थानदोनों राज्यों द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
11दमनगंगा – पिंजल लिंकमहाराष्‍ट्र (केवल मुंबई के लिए जलापूर्ति)डीपीआर पूरी हो गई और “प्राथमिकता लिंक” की स्थिति से हटा दी गई
12पार-तापी-नर्मदा लिंकगुजरात और महाराष्‍ट्रडीपीआर पूरी हो गई और “प्राथमिकता लिंक” की स्थिति से हटा दी गई
13केन-बेतवा लिंकउत्तर प्रदेश (यूपी) और मध्य प्रदेशडीपीआर  पूर्ण और कार्य शुरू कर दिया गया है
14पंबा – अचनकोविल – वैप्पर लिंकतमिलनाडु और केरलव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
15बेदती – वरदा लिंककर्नाटकडीपीआर  पूर्ण
16नेत्रवती – हेमवती लिंक**कर्नाटकपूर्ण-व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण

* मणिभद्र और इंचमपल्ली बांधों पर लंबित सहमति के कारण गोदावरी नदी के अप्रयुक्त जल को डायवर्ट करने के लिए परियोजना का चरण-I पूरा किया गया था और गोदावरी (इंचमपल्ली)-कृष्णा (नागार्जुन सागर)-पेन्नार (सोमसिला)-कावेरी (ग्रैंड एनीकट) लिंक परियोजनाओं (संयुक्त) की डीपीआर पूरी कर ली गई थी, जिसे गोदावरी-कावेरी लिंक कहा जाता है। कावेरी बेसिन से सटे वेल्लर नदी की एक सहायक नदी मणिमुख्ता नदी में लिंक नहर को बंद करते हुए रिपोर्ट को और अपडेट किया गया है।

@@ बेदती-वरदा लिंक – पीएफआर तैयार होने के बाद सीधे डीपीआर तैयार की गई, कोई एफआर तैयार नहीं की गई थी।

@ गोदावरी (पोलावरम) – कृष्णा (विजयवाड़ा) लिंक – यह परियोजना आंध्र प्रदेश सरकार पोलावरम परियोजना प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई है।

** नेत्रावती-हेमवती लिंक: पीएफआर की तैयारी के बाद आगे का अध्ययन नहीं किया गया है, क्योंकि कर्नाटक सरकार द्वारा येट्टीनाहोल परियोजना के कार्यान्वयन के बाद, इस लिंक के माध्यम से डायवर्जन के लिए नेत्रावती बेसिन में कोई अधिशेष जल उपलब्ध नहीं है।

हिमालयन घटक

क्र.सं.नामलाभान्वित राज्‍य/देशस्थिति
1.कोसी-मेची लिंकबिहार और नेपालपीएफआर पूर्ण और प्रस्ताव  रद्द किया गाय
2.कोसी-घाघरा लिंकबिहार, उत्तर प्रदेश और नेपालव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
3.गंडक – गंगा लिंकयूपी और नेपालव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
4.घाघरा-यमुना लिंकयूपी और नेपालव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
5.सारदा-यमुना लिंकयूपी और उत्तराखंडडीपीआर पूर्ण
6.यमुना-राजस्थान लिंकहरियाणा और राजस्थानव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
7.राजस्थान-साबरमती लिंकराजस्थान और गुजरातव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
8.चुनार-सोन बैराज लिंकबिहार और उत्तर प्रदेशव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
9.सोन बांध – गंगा लिंक की दक्षिणी सहायक नदियाँबिहार और झारखंडमसौदा एफआर पूर्ण
10.मानस-संकोश-तीस्ता-गंगा (एम-एस-टी-जी) लिंकअसम, पश्चिम बंगाल और बिहारव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
11.जोगीघोपा-तीस्ता-फरक्का लिंक (एम-एस-टी-जी का विकल्प)असम, पश्चिम बंगाल और बिहारपीएफआर पूर्ण (प्रस्‍ताव वापिस ले लिया गया है)
12.फरक्का-सुंदरबन लिंकपश्चिम बंगालव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
13.गंगा (फरक्का) – दामोदर-सुवर्णरेखा लिंकपश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंडव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
14.सुवर्णरेखा-महानदी लिंकपश्चिम बंगाल और ओडिशाव्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण

कोसी-मेची लिंक *** – कोसी मेची अंतर राज्‍यीय लिंक को अंतरराष्ट्रीय आयामों के कारण और बिहार राज्य सरकार के अनुरोध पर, वापस लिया गया था एनडब्ल्यूडीए द्वारा कोसी-मेची राज्‍यान्‍तरिक लिंक का अध्ययन किया गया था और इसकी डीपीआर राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई थी।

यह सूचना जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी द्वारा राज्यसभा में लिखित प्रश्न के

उत्तर में प्रदान की गई है।


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By udaen

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