मोटा अन्न खाने से लोगों को शुगर, कोलेस्ट्रोल और हृदय संबंधी बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। कृषि विभाग हमीरपुर के पास पहली बार बाजरा और कोंगणी का बीज पहुंच गया है। विभाग ने सभी ब्लॉकों में बीज की सप्लाई भेज दी है। जिले में पहली बार बाजरा और कोंगणी की सप्लाई पहुंची है। इन बीजों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत सब्सिडी दी जाएगी।
जिले में बाजरा 750 किलोग्राम और कोंगणी का 540 किलोग्राम बीज पहुंचा है। बीज के लिए किसान नजदीकी कृषि विक्रय केंद्रों में संपर्क कर सकते हैं। विभाग प्रतिकिलो पर 30 रुपये सब्सिडी दे रहा है। कृषि विक्रय केंद्रों में बाजरा का बीज 58 रुपये प्रतिकिलो और कोंगणी का बीज 126 रुपये किलो मिलेगा।
काफी समय पहले इन बीजों की जिले में बिजाई होती थी। लोग बाजरे की रोटी खाते थे, लेकिन धीरे-धीरे किसानों ने इन्हें बीजना छोड़ दिया। गेहूं, मक्की और धान की खेती पर जोर दिया गया।
गेहूं, मक्की और धान में पोषक तत्व कम होते हैं, जबकि मोटा अन्न बाजरा, कोंगणी, मंडल आदि में काफी पोषक तत्व होते हैं। इन्हें खाने से मनुष्य स्वस्थ रहता है। उधर, कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक युद्धवीर सिंह पठानिया ने कहा कि बाजरा और कोंगणी का बीज सभी ब्लॉकों में भेज दिया है।
बाजरा और कोंगणी के फायदे
बाजरा और कोंगणी खाने से शुगर कंट्रोल होती है। इसके साथ कोलेस्ट्रोल घटता है। हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा कम होता है। पाचन क्षमता भी बढ़ती है। बाजरे की रोटी और कोंगणी की खिचड़ी और दलिया बना सकते हैं। इनमें गेहूं, मक्की और धान के मुकाबले काफी अधिक पोषक तत्व होते हैं।
