विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन की ‘कैरी मी बैक’ पॉलिसी यात्रियों के बीच मिसाल बन रही है।
SHABD,Dehradun, July 30,
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Category: Religion, Tourism, Planning
केदारनाथ से सात टन सूखा कूड़ा वापस लाए श्रद्दालु
विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन की ‘कैरी मी बैक’ पॉलिसी यात्रियों के बीच मिसाल बन रही है।
30 जुलाई 2026, रूद्रप्रयाग:
विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन की
‘कैरी मी बैक’
पॉलिसी यात्रियों के बीच मिसाल बन रही है। इस अनूठी पहल के तहत श्रद्धालु दर्शन के बाद अपने साथ केवल यादें ही नहीं, बल्कि धाम का सूखा कूड़ा भी वापस ला रहे हैं।
इस अभियान में अब तक श्रद्धालु करीब सात टन सूखा कूड़ा केदारनाथ धाम से गौरीकुंड तक वापस ला चुके हैं।
‘कैरी मी बैक पॉलिसी’
के तहत श्रद्धालुओं को विशेष बैग दिए जाते हैं। इन बैगों में वे स्वेच्छा से लगभग चार से पांच किलो तक प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स और बिस्किट के रैपर, पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य सूखा कचरा एकत्र कर रहे हैं और उसे अपने साथ गौरीकुंड ला रहे हैं। इसके बाद इस कूड़े का वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निस्तारण किया जाता है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में चल रहा यह अभियान नगर पंचायत केदारनाथ की ओर से हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन श्रद्धालुओं को कूड़ा संग्रह के लिए बैग उपलब्ध करा रहा है और गौरीकुंड में उसके सुरक्षित संग्रहण की व्यवस्था कर रहा है। वहीं सुलभ इंटरनेशनल कूड़े के परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण की जिम्मेदारी निभा रहा है।
नगर पंचायत केदारनाथ के अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि यात्रा अवधि में अब तक सात टन सूखा कूड़ा धाम से बाहर लाया जा चुका है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे बाबा केदार की नगरी स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनी रहे।
बाइट– नीरज कुकरेती, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत केदारनाथ
