Author: udaen

राज्यसभा के सभापति द्वारा राज्यसभा के 271 वें सत्र के समापन पर दिया गया विदाई भाषण

राज्यसभा के सभापति द्वारा राज्यसभा के 271 वें सत्र के समापन पर दिया गया विदाई भाषण PIB Delhi सभापति : माननीय…

भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) को सिन्टर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना के अंतर्गत 20 बोलियां प्राप्त

भारत की स्वदेशी रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण पहल को गति मिली है। योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। यह…

जल जीवन मिशन के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 75% ग्रामीण बस्तियों को सुजल गांव आईडी से जोड़ा गया

सुजल गांव और सुजलम भारत आईडी के माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति के डिजिटल शासन को…

वन धन विकास केंद्र संकुलों की स्थिति

वन धन विकास केंद्र संकुलों की स्थिति PIB Delhi जनजातीय कार्य मंत्रालय, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) तथा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ लिमिटेड (ट्राइफेड) के माध्यम से वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। आज की तारीख तक 28…

बाघ रिजर्व क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों का विस्थापन

बाघ रिजर्व क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों का विस्थापन PIB Delhi राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) को अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों…

संसद की उत्पादकता 19%: लोकतंत्र के लिए यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, चेतावनी है

संसद की उत्पादकता 19%: लोकतंत्र के लिए यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, चेतावनी है लोकसभा की उत्पादकता 19 प्रतिशत और राज्यसभा…

संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; दोनों सदनों से पारित हुए 12 विधेयक

PIB Delhi संसद का मानसून सत्र, 2026, जो सोमवार, 20 जुलाई, 2026 से शुरू हुआ था, गुरुवार, 13 अगस्त, 2026 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है । सत्र के दौरान 25 दिनों की अवधि में कुल 19 बैठकें हुईं। सत्र के दौरान, लोक सभा में 11 विधेयक और राज्य सभा में 02 विधेयक पुर:स्थापित किए गए। लोक सभा द्वारा 12 विधेयक और राज्य सभा द्वारा 12 विधेयक पारित किए गए।  सत्र  के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा कुल 12 विधेयक पारित किए गए। राष्ट्रपति द्वारा मानसून सत्र से पहले प्रख्यापित किए गए दो अध्यादेशों अर्थात् सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 और आय-कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को प्रतिस्थापित एवं इनके उपबंधों को समाविष्ट करने वाले दो विधेयकों पर दोनों सदनों में विचार और पारित किया गया। वर्ष 2022-23 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगों पर विचार किया गया और उनसे संबंधित विनियोग विधेयक को लोक सभा में 04.08.2026 को पुर:स्थापित, विचार और पारित किया गया तथा 06.08.2026 को राज्य सभा ने उसे लौटा दिया। विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को जांच और रिपोर्ट हेतु सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया। लोक परीक्षाओं से जुड़ी विद्यार्थियों की चिंताओं को तुरंत दूर करने के लिए, लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को लोक परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी और विश्वसनीयता को मज़बूत करने की एक बड़ी पहल के रूप में पुर:स्थापित किया गया ताकि 2024 के मूल अधिनियम को संशोधित किया जा सके। इस विधेयक का उद्देश्य अधिनियम के तहत अपराधों की त्वरित जांच और समय पर ट्रायल पक्का करना; राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का अधिकार देना; दो महीने के अंदर जांच और तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य करना; केंद्र सरकार को, जहाँ भी ज़रूरी हो, जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने में मदद करना; अपराधों के लिए सज़ा में बढ़ोतरी करना; और उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच के समक्ष एक समयबद्ध अपीली तंत्र का उपबंध करना है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है और माननीय राष्ट्रपति ने इसे मंज़ूरी दे दी है। सत्र के दौरान दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए अन्य प्रमुख विधेयक इस प्रकार हैं:- लोक सभा में पुर:स्थापित किए गए विधेयकों, राज्य सभा में पुर:स्थापित किए गए विधेयकों, संयुक्त समिति में भेजे गए विधेयकों और लोक सभा द्वारा पारित किए गए विधेयकों एवं राज्य सभा द्वारा पारित किए गए विधेयकों और दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए विधेयकों की सूची अनुबंध के रूप में संलग्न है। लोक सभा की उत्पादकता 19% और राज्य सभा की उत्पादकता लगभग 39% रही । अनुबंध…

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026

विकास की ओर अग्रसर एमएसएमई सेक्टर के लिए सुधार PIB Delhi विकास की ओर अग्रसर एमएसएमई सेक्टर के लिए सुधार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026, अगस्त 2026 में संसद ने पारित किया था। यह विधेयक एमएसएमई क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप मौजूदा एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 के प्रावधानों को अपडेट करता है। संशोधनों का उद्देश्य भुगतान संबंधी बाधाएं कम करना, विवाद समाधान को अधिक समयबद्ध बनाना और अनुपालन को सरल बनाना है। उनका व्यापक उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम…

उत्तराखंड: नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर ताई तुगुंग को संस्कृति सम्मान से नवाजा

देहरादून में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान समारोह’ का आयोजन किया…

युवाओं को मिलेगी एआई और रोबोटिक्स की आधुनिक शिक्षा, दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी

राज्य के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बीटीकेआईटी, द्वाराहाट में…

स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून में यातायात व्यवस्था में रहेगा बदलाव, पुलिस ने जारी किया प्लान

स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए 15 अगस्त को देहरादून के परेड ग्राउंड के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव किया…

बढ़ती वरिष्ठ नागरिक आबादी के बीच देखभाल सेवाओं को रोजगार से जोड़ने पर मंथन

प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए देखभाल सेवाओं को व्यवस्थित रूप से विकसित करने और इन्हें रोजगार के…

रक्षा राज्य मंत्री द्वारा रक्षा मंत्रालय की गृह पत्रिका ‘सशक्त भारत’ के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विशेषांक का विमोचन

PIB Delhi रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की गृह पत्रिका ‘सशक्त भारत’ के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विशेषांक का विमोचन किया । इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक, भाषायी और भौगोलिक विविधता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि विभिन्न परंपराओं, जीवन-शैलियों एवं आस्थाओं के बावजूद हमारा देश सदैव एकता और समरसता की भावना से जुड़ा रहा है और अनेकता में एकता की यही भावना भारत की पहचान एवं सबसे बड़ी शक्ति है। ‘सशक्त भारत’ पत्रिका का नवीनतम अंक ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की व्यापक भावना को समर्पित है। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों – उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक – भारत की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विविधता को रचनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। इस विशेषांक के विमोचन के अवसर पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। ‘सशक्त भारत’ गृह पत्रिका रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा, साहित्यिक अभिरुचि और विचारों को अभिव्यक्ति देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राजभाषा प्रभाग, रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित इस पत्रिका में अधिकारी एवं कर्मचारी लेख, कविताएँ, कहानियाँ, यात्रा-वृत्तांत और विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाओं के माध्यम से अपने अनुभवों एवं विचारों को साझा करते हैं। *****

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने सरसों के आनुवंशिक संसाधनों से प्राप्त 15.52 करोड़ रुपये की एबीएस राशि जारी की

सरसों की खेती के क्षेत्रफल के आधार पर 26 राज्य जैव विविधता बोर्डों और 3 केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता…