तीर्थपुरोहितों ने फूंकी देवस्थानम् प्रबंधन विधेयक की प्रतियां
तमाम विरोध के बावजूद सरकार ने चारों धामों सहित प्रदेश के 51 मंदिरों की समितियों व उप समितियों को देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के आधीन कर दिया है, जिससे तीर्थ पुरोहितों का आक्रोश बढ़ गया है। इसी क्रम में गंगोत्री धाम के पुरोहितों ने कड़ाके की ठंड के बावजूद शुक्रवार को भी कलक्ट्रेट में क्रमिक धरना जारी रखा। अपना विरोध जताने के लिए उन्होंने विधेयक की प्रतियां फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन को उग्र स्वरूप प्रदान करने की चेतावनी दी।
आक्रोशित पुरोहितों ने कहा कि सरकार ने यह विधेयक पारित कर अनादिकाल से चली आ रही धार्मिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ किया है। धामों व मंदिरों के धन पर कब्जा जमाने के लिए उठाए गए इस कदम से पुरोहितों के हक हकूक एवं करोड़ों हिंदुओं की आस्था भी प्रभावित हुई है। आगामी 18 तारीख को जिला मुख्यालय में सभी धामों के पुरोहित मिलकर विशाल जुलूस प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी विधेयक निरस्त नहीं किए गए, तो पुरोहित आगामी चारधाम यात्रा का बहिष्कार करेंगे। साथ ही मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। प्रदर्शनकारियों में दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, राजेश सेमवाल, हरीश सेमवाल, राकेश सेमवाल, अशोक सेमवाल, मानेंद्र सेमवाल सहित कई तीर्थ पुरोहित शामिल थे।
