आगामी कुम्भ मेला-2027 में आने वाले श्रद्दालुओं के लिए समुद्र मंथन की पौराणिक कथा और कुंभ की आध्यात्मिक परंपरा को केंद्र में रखकर स्वागत द्धार तैयार किया जा रहा है।
SHABD,Dehradun, August 17,
Relevance: Priority
Slug: Haridwar-Kumbh
Category: Kumbh mela, Religion, Culture, Art and culture

समुद्र मंथन की थीम पर बनाया जा रहा कुंभ का स्वागत द्वार, श्रद्धालुओं को दिखेगी देवभूमि की सांस्कृतिक झलक
आगामी कुम्भ मेला-2027 में आने वाले श्रद्दालुओं के लिए समुद्र मंथन की पौराणिक कथा और कुंभ की आध्यात्मिक परंपरा को केंद्र में रखकर स्वागत द्धार तैयार किया जा रहा है।
17 अगस्त 2026, हरिद्धार:
आगामी कुम्भ मेला-2027 में आने वाले श्रद्दालुओं के लिए समुद्र मंथन की पौराणिक कथा और कुंभ की आध्यात्मिक परंपरा को केंद्र में रखकर स्वागत द्धार तैयार किया जा रहा है।
मेला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्मित कराए जा रहे इस स्वागत द्वार के लिए राज्य सरकार ने दो करोड़ रूपए से अधिक की धनराशि स्वीकृत की है। लगभग साढ़े छह मीटर ऊंचा यह स्वागत द्वार कुंभ नगरी हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रवेश बिंदु के रूप में विकसित किया जा रहा है।
समुद्र मंथन भारतीय पौराणिक परंपरा में कुंभ की अवधारणा से गहराई से जुड़ी कथा है। इसी कथा से अमृत कलश और कुंभ पर्व की धार्मिक मान्यता का संबंध माना जाता है। ऐसे में समुद्र मंथन की थीम पर आधारित स्वागत द्वार श्रद्धालुओं को कुंभ की आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ने के साथ ही हरिद्वार की धार्मिक महत्ता का प्रतीक बनेगा।
उत्तर प्रदेश की सीमा पर मंडावर-छुटमलपुर मार्ग में बन रहा यह द्धार उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार पहुंचने के प्रमुख मार्गों में शामिल है। यह स्वागत द्वार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए कुंभ नगरी की पहली भव्य झलक प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा प्रवेश द्वार के आसपास के क्षेत्रों में भी आवश्यक सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, जिससे कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को एक आकर्षक और उत्सवपूर्ण वातावरण का अनुभव होगा।
स्वागत द्वार का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कुंभ मेलाधिकारी सोनिका ने स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
(प्रतीकात्मक फोटो संलग्न)
