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🔴 उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और असम के पत्रकारों ने रखे अपने विचार।

नई दिल्ली। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की वर्चुअल बैठक का आयोजन पत्रकारिता के दौरान पत्रकारों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा संगठनात्मक दायित्वों पर व्यापक विचार-विमर्श के उद्देश्य से किया गया। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से संगठन के 100 से अधिक पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
बैठक का शुभारंभ संगठन के अति वरिष्ठ पदाधिकारी एवं पूर्व न्यायाधीश श्री विकास कुमार के संबोधन से हुआ। उन्होंने असम में प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस पर सभी पदाधिकारियों ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के शीघ्र राहत एवं पुनर्वास की कामना की।
बिहार के पदाधिकारियों ने समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को शासन-प्रशासन, माफिया तंत्र तथा स्थानीय अराजक तत्वों से होने वाले दबाव, उत्पीड़न और जोखिम का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियों में निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता करना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाना समय की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की भी आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
अति वरिष्ठ पत्रकार नीरज श्रीवास्तव, जो विभिन्न समाचार पत्रों एवं समाचार चैनलों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं, ने कहा कि पहले की पत्रकारिता और वर्तमान पत्रकारिता में व्यापक परिवर्तन आया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिद्धांत आधारित पत्रकारिता धीरे-धीरे अपने मूल्यों से दूर होती जा रही है। इसलिए पत्रकारों की योग्यता, आचार-संहिता और पेशेवर मानकों के निर्धारण पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।
बैठक में विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, पत्रकार हितों की रक्षा तथा निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।


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By udaen

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