मिलेट्स और कृषि गतिविधियां बन रहे सहकारिता के मजबूत आधार
प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक कार्य किया जा रहा है।
SHABD,Dehradun, March 24,
24 मार्च 2026, देहरादून:
प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक कार्य किया जा रहा है। कृषि, मिलेट्स, रेशम उत्पादन, सब्जी क्रय, बायोफर्टिलाइजर वितरण, साइलेज विक्रय और सामूहिक सहकारी खेती जैसी गतिविधियों से समितियों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है तथा किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है।
उत्तराखंड में मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से लगभग 53,000 कुंतल मंडुवा की खरीद की गई है। इस खरीद पर सहकारी समितियों को 100 रूपए प्रति कुंतल सेवा शुल्क के आधार पर लगभग 53 लाख रूपए की आय प्राप्त हुई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के अंतर्गत साइलेज का वितरण किया जा रहा है। जिससे लगभग 63 लाख रूपए की आय हुई है।
टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में पांच सहकारी समितियों द्वारा किसानों से सीधे सब्जियों की खरीद की जा रही है। वर्तमान वर्ष में अब तक किसानों से लगभग डेढ़ करोड़ मूल्य की सब्जियों की खरीद की जा चुकी है,इस प्रक्रिया में सहकारी समितियों को लगभग तीन लाख की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त बायोफर्टिलाइजर के क्रय-विक्रय में भी 14 समितियों को लगभग 68 लाख 38 हजार रूपए की आय हुई। चमोली जिले में भी फूलों की खेती से सिमितियों को लगभग दस लाख रूपए की आय मिली है।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। सहकारिता का सीधा लाभ किसानों, काश्तकारों, कारीगरों और युवा उद्यमियों को मिले इसके लिये ठोस नीतियां तैयार कर धरातल पर उतारी जा रही हैं।
