सूचना/पौड़ी/01 अक्टूबर 2026:
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में बच्चों के अधिकार, सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय विद्यालय, श्रीनगर में बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं बच्चों की सुरक्षा विषय पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 190 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी प्रज्ञा नैथानी ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के बारे में जागरूक करते हुए अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, अपने अधिकारों को समझने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या असुरक्षा की स्थिति में विश्वसनीय व्यक्ति अथवा संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करने की जानकारी दी।

चाइल्ड हेल्पलाइन से शकुंतला नयाल ने विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या, संकट, आवश्यकता अथवा असुरक्षा की स्थिति में बच्चे 1098 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्र बिडालिया ने बाल कल्याण समिति की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि समिति द्वारा बच्चों के संरक्षण एवं उनके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीएलवी प्रियंका राय ने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर बच्चे विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं तथा अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा विधिक सहायता के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपने अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति सजग करना तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं तक पहुंच बनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन सहायक अध्यापिका अर्चना द्वारा किया गया।
