भास्कर समूह के एमडी सुधीर अग्रवाल और संपादक एल.एन. पंत पर FIR, POCSO उल्लंघन का आरोप
बीकानेर | मीडिया | कानून।udaen news network
राजस्थान के बीकानेर में दैनिक भास्कर मीडिया समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल और राजस्थान/नेशनल संपादक एल.एन. (लक्ष्मी प्रसाद) पंत समेत अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अखबार में प्रकाशित एक खबर के जरिए POCSO एक्ट के अंतर्गत नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर की गई, जो कानूनन अपराध है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार यह एफआईआर बीकानेर सदर थाना में दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि खबर में ऐसे विवरण प्रकाशित किए गए, जिनसे नाबालिग पीड़िता की पहचान संभव हो जाती है।
कानून के मुताबिक, POCSO मामलों में पीड़ित की पहचान उजागर करना IPC की धारा 228-A और POCSO एक्ट का उल्लंघन माना जाता है।
पहले भी हुई थी जांच
जानकारी के मुताबिक, इस मामले से जुड़ी एक शिकायत मई 2024 में भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच के बाद उस समय मामले में अपराध प्रमाणित नहीं होने की रिपोर्ट POCSO कोर्ट में पेश की गई थी।
हालांकि शिकायतकर्ता पक्ष ने जांच पर सवाल उठाते हुए प्रोटेस्ट पिटिशन दायर की, जिसके बाद दोबारा कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग वाली याचिका भी दायर की गई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई पर मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
भास्कर प्रबंधन की सफाई
दैनिक भास्कर प्रबंधन और संपादक एल.एन. पंत की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया गया है। उनका कहना है कि
“अखबार ने कानून और पत्रकारिता के मानकों के अनुसार ही रिपोर्टिंग की है और किसी भी नाबालिग की पहचान उजागर नहीं की गई।”
मीडिया जगत में हलचल
मीडिया संस्थान के शीर्ष पदाधिकारियों पर POCSO जैसे गंभीर कानून के तहत FIR दर्ज होने से मीडिया जगत में व्यापक चर्चा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला मीडिया की जिम्मेदारी, कानून और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर अहम बहस छेड़ सकता है।
नोट: मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।
