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उत्तराखंड के 10 ग्रीन और दो ऑरेंज जोन वाले जिलों में चार मई से सुबह सात से शाम चार बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें खुलेंगी। केवल नाई की दुकान, शापिंग माल और काम्पलैक्स की दुकानें नहीं खोली जा सकती हैं। रेड जोन वाले जिले हरिद्वार के शहरी क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में दुकानें सुबह सात से शाम चार बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्रालय की गाइडलाइन में उत्तराखंड की परिस्थितियों के अनुसार मामूली बदलाव किया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि चार मई से शुरू हो रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिए केंद्र की गाइडलाइन को प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसके तहत दुकानें, व्यवसायिक संस्थान और सरकारी कार्यालय खोलने के लिए तीन कैटेगरी तय की गई हैं। ग्रीन जोन में प्रदेश के 10 जिले शामिल किए गए हैं। हरिद्वार रेड जोन में है, जबकि देहरादून और नैनीताल ऑरेंज जोन में हैं। उन्होंने कहा कि शॉपिंग कॉम्प्लैक्स, मॉल और सैलून किसी भी जोन में नहीं खोले जाएंगे।
रेड जोन में केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुलेंगी। वहीं, ग्रीन जोन के जिलों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली शुरू की जाएगी। इन जिलों में शारीरिक दूरी का अनुपालन करते हुए टैक्सी, मैक्सी और बसें चल सकेंगी। रेड जोन में इसकी अनुमति नहीं रहेगी। ऑरेंज जोन में कुछ शर्तों के साथ टैक्सी और गाड़ियां चल सकती हैं।
शाम सात से सुबह सात तक पूर्ण लॉकडाउन
प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि शाम सात बजे से अगली सुबह सात बजे तक पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान किसी को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं रहेगी। अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी आती है तभी आवाजाही की जा सकेगी।

तीनों जोन में खुलेंगे सरकारी कार्यालय
लॉकडाउन के तीसरे चरण में ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में सरकारी दफ्तर खोलने का निर्णय लिया है। सचिवालय सुबह साढ़े नौ बजे से चार बजे तक खुलेगा। ग्रुप ए और बी के सभी अधिकारी आएंगे, जबकि ग्रुप सी और डी के 33 प्रतिशत स्टाफ को रोस्टर के अनुसार बुलाया जाएगा। ग्रीन जोन में सुबह 10 बजे से चार बजे तक दफ्तर खुलेंगे। शिक्षण संस्थान नहीं खुलेंगे और न ही उनका स्टाफ दफ्तर जाएगा।

जोन तय करने का यह है फॉर्मेट
ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन तय करने के लिए केंद्र सरकार ने चार प्वाइंट का फॉर्मेट तय किया है। केवल पॉजिटिव केस के आधार पर श्रेणी तय नहीं होती। इसके लिए एक्टिव केस, जांच में पॉजिटिव पाए जाने का प्रतिशत, केस के डबल होने की दर और निगरानी तंत्र को आधार बनाया जाता है। केंद्र हर सप्ताह जिलों के जोन तय करेगा। वर्गीकरण बदलने पर छूट देने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सकता है।
ग्रीन और ऑरेंज जोन में खुलेंगी शराब की दुकानें
मुख्य सचिव ने बताया कि रेड जोन वाले जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों में शराब की दुकानें खुलेंगी। शराब की बिक्री व्यावसायिक गतिविधि है, ऐसे में अन्य दुकानों की भांति इन्हें शाम चार बजे तक खोलने की अनुमति दी जाएगी।

ऑरेंज और ग्रीन जोन में सभी तरह की दुकानें खुलेंगी
ऑरेंज और ग्रीन जोन में सभी तरह की दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुलेंगे। केवल नाई की दुकान, शापिंग माल और कॉपलेक्स की दुकानें नहीं खोली जा सकती हैं। जो भी दुकानें खुलेंगी उनमें सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करना होगा।

दुकानदारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां 50 प्रतिशत स्टाफ ही काम पर आए। दुकानों में भीड़ नहीं लगाई जा सकती। एक समय में एक ग्राहक ही सामान खरीदेगा। दुकान में सैनिटाइजर रखना होगा और खरीददार और दुकानदार को मास्क पहनना जरूरी रहेगा। प्राइवेट कंपनियों के कार्यालय भी खोले जा सकते हैं, केवल स्टाफ को लेकर रोस्टर बनना होगा। रेड जोन के ग्रामीण इलाकों में भी सभी तरह की दुकानें खोली जा सकती हैं।

 


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By udaen

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