रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल ने 200 छात्रों को नियमित रूप से भोजन परोसे जाने के झूठे रिकॉर्ड बनाए
आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
PIB Delhi
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक सरकारी स्कूल में छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पिछले दो वर्षों से दोपहर का भोजन न मिलने की मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। बताया जाता है कि विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर बताई। जांच में पता चला कि 200 विद्यार्थियों को नियमित रूप से भोजन परोसे जाने का झूठा रिकॉर्ड रखा जा रहा था।
आयोग के अनुसार यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन का मामला है। सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने की योजना बच्चों में कुपोषण को रोकने और उन्हें विद्यालय जाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु आरंभ की गई है। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
27 अगस्त 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में अनियमितताएं और लगभग 14 लाख रुपये के कथित गबन का पता चला। इसमें रसोइयों को कम वेतन देना और प्रधान मंत्री पोषण अभियान के फंड का प्रधानाचार्य और अन्य अधिकारियों द्वारा दुरुपयोग करना शामिल है।
