ऋषिकेश (नेपाली फार्म): मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद, स्थानीय लोगों और उक्रांद का विरोध तेज
📰 समाचार रिपोर्ट ऋषिकेश (नेपाली फार्म): मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद, स्थानीय लोगों और उक्रांद का विरोध तेज ऋषिकेश के…
EarthNity with social development and rural enterpreneurship
📰 समाचार रिपोर्ट ऋषिकेश (नेपाली फार्म): मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद, स्थानीय लोगों और उक्रांद का विरोध तेज ऋषिकेश के…
📰 ग्राउंड रिपोर्ट (उत्तराखंड विशेष) देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार क्षेत्र में पारिवारिक विवादों के मामलों में हाल…
संपादकीय विश्लेषणरमनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार 2026: भारतीय मीडिया, जवाबदेही और बदलते पत्रकारिता मानक रमनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार भारतीय…
संपादकीय: ‘राजस्व लोक अदालत’—त्वरित न्याय या प्रशासनिक तात्कालिकता का प्रयोग? सरकार द्वारा ‘राजस्व लोक अदालत’ की शुरुआत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक…
ट्रांसजेंडर अधिकारों का सवाल: संरक्षण याa नियंत्रण? भारत में ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर विधायी ढांचा लंबे संघर्ष के बाद विकसित…
संपादकीय: ‘जन विश्वास’ या ‘नियामकीय ढील’?—डिक्रिमिनलाइजेशन की दिशा में संतुलन की चुनौती केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत जन विश्वास…
संपादकीय: मुफ्त सुविधाएँ बनाम जन-अधिकार: वीआईपी संस्कृति पर सवाल क्या मुफ्त बिजली और मुफ्त इलाज केवल मुख्यमंत्री और मंत्रियों के…
📰 संपादकीय“लोकतंत्र के प्रहरी: अधिकार बनाम दबाव की हकीकत”भारत में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता लोकतंत्र के वे स्तंभ हैं, जिन…
निर्भीक पत्रकारिता का सम्मान, न्यायिक विमर्श का विस्तार को वर्ष 2025 के ‘विश्वनाथ-दिल्ली प्रेस अवॉर्ड फॉर फियरलेस जर्नलिज़्म’ से सम्मानित…
संपादकीय: उत्तराखंड मंत्रिमंडल विस्तार—संतुलन या राजनीतिक प्रबंधन? उत्तराखंड में हालिया मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों का आवंटन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं,…
संपादकीय | सिनेमा बनाम ओटीटी: अनुशासन या नियंत्रण का नया दौर? तमिल फिल्म उद्योग में हालिया निर्णय, जिसमें ने फिल्मों…
जनपक्षीय संपादकीय उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में समय का प्रवाह कुछ अलग ढंग से महसूस होता है। जहां एक ओर…
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 PIB Delhi साहित्य अकादमी ने आज अपने द्वारा मान्यता प्राप्त 24 भारतीय भाषाओं में वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों…
संपादकीय निर्भीक पत्रकारिता की मशाल: नरेंद्र उनियाल और उनके साथियों की स्मृति 12 मार्च का दिन उत्तराखंड की जनपक्षधर पत्रकारिता…
📰 संपादकीय दिव्यांगजन: सहानुभूति नहीं, अधिकार आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती…