
योजनाओं में अवमुक्त धनराषि को वित्तीय वर्श के अंतिम माह तक व्यय करने की प्रवृत्ति पर अंकुष लगाने के साथ ही पुराने निर्माणाधीन कार्यो को गुणवत्ता, पारदर्षिता के साथ समय सीमा के अंतर्गत पूरा सुनिष्चित करें जिससे धनराषि का समय से सदपयोग हो। यह बात जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने विभिन्न विभागों को जिला योजना, राज्य योजना एवं केन्द्र पोशित योजना के तहत आांवटित की गयी धनराषि एवं उनके सापेक्ष किये गये परिव्यय की समीक्षा बैठक मे कहीं। बैठक में उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अवमुक्त धनराषि को समय से व्यय करना सुनिष्चित करें और ़़़़़़़़़़़़़़़़़़़कार्यो की गुणवत्ता ़़़़़का विषेश ध्यान रखें गुणवत्ता में किसी प्रकार खामियां पाये जाने पर सम्बन्धित के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। सरकारी धन का दुरूपयोग किसी भी हालत में बर्दाष्त नहीं होगा। उन्होंने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देषित करते हुए कहा कि विभिन्न सैक्टरों में आवंटित की गयी धनराषि को माह दिसम्बर तक 75 प्रतिषत व्यय करने के साथ ही वित्तीय वर्श के अंत तक षतप्रतिषत व्यय करना सुनिष्चित करें। उन्होंने विभागों को निर्देषित करते हुए कहा कि विभाग अपने निर्माण कार्यो की मानीटरिंग करने व कार्यो की गुणवत्ता पर ध्यान देने के साथसाथ जिला योजना के तहत प्रस्तावित सभी कार्यो को निर्धारित समयावधि मे पूर्ण करें। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान लघु सिंचाई, राजकीय सिंचाई, पंचायती राज एवं वन विभाग को कडें निर्देष जारी करते हुए कहा कि वे निर्धारित मानको के अनुरूप कार्य करते हुए आंवटित धनराषि का जल्द से जल्द खर्च करना सुनिष्चित करें, ताकि आगामी वित्तीय वर्श हेतु राज्य स्तर पर जनपद के लिए तैयार किये जाने वाले बजट में कोई कटौती न हो इसके साथ ही यह निर्देष दिये कि सभी विभाग यह सुनिष्चित करें कि इस वित्तीय वर्श के अंत तक समस्त धनराषि को नियमानुसार खर्च किया जाय। मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए किसानों की आय दोगुनी करने हेतु अधिक से अधिक मत्स्य तालाब निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करें और मत्स्य बीज उपलब्ध करायें। समाज कल्याण अधिकारी को पात्र लाभार्थियों को पेंषन योजना का लाभ दिलाने के निर्देष दिये। आश्रम पद्धति विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के लिए भोजन व वस्त्र आदि की समुचित व्यवस्था के निर्देष दिये। कृशि विभाग को समय से बीज,खाद ,रसायन तथा सब्सीडी उपलब्ध करायें। उन्होंने लोकनिर्माण एवं पी0एम0जी0एस0वाई0 विभाग की समीक्षा करते हुए स्वीकृत मोटर मार्गो के कार्या में गति लाने के निर्देष दिये। उन्होंने वित्तीय वर्श 201920 हेतु अनुमोदित परिव्यय ,षासन से अवमुक्त धनराषि के सापेक्ष व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद के लिए जिला योजना अन्तर्गत अनुमोदित परिव्यय रू0 3608.00 लाख के सापेक्ष षासन से रू0 3608.00 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसके अन्तर्गत 3608.00 लाख विभिन्न विभागों को आवंटित की जा चुकी हैं आवंटित धनराषि के सापेक्ष विभिन्न विभागों द्वारा 2013.08 लाख धनराषि व्यय की जा चुकी है जो अवमुक्त धनराषि का 55.79 प्रतिषत है। राज्य योजना के अन्तर्गत अनुमोदित परिव्यय रू0 8466.92 लाख के सापेक्ष षासन से रू0 8466.92 लाख की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है जिसमें 7558.39 लाख धनारषि आहरित की गयी है जिसके सापेक्ष् सापेक्ष 5139.32 लाख व्यय किया जा चुका है जो अवमुक्त धनराषि के सापेक्ष 60.70 प्रतिषत की उपलब्धि हुई है। बताया गया कि केन्द्र पोशित योजना के अन्तर्गत अवमुक्त धनराषि के सापेक्ष 79.67 प्रतिषत धनराषि व्यय हो चुकी हैं वाह्यसहायतित योजनाओं में अवमुक्त धनराषि के सापेक्ष 50.31 प्रतिषत धनराषि खर्च हो चुकी है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जो विभाग ए श्रेणी में हैं वे ए श्रेणी में बने रहे साथ ही ऐसे विभाग जो बी या सी आदि में वह हर दषा में विभागीय कार्यो में गति लाते हुए ए श्रेणी प्राप्त करना सुनिष्चित करें। जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को कडे निर्देष जारी करते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरूपयोग किसी भी दषा में न हों और साथ ही यह भी सुनिष्चित किया जाय कि जिस मद हेतु धन का आंवटन किया गया है उसी मद में धन खर्च हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओ का वास्तविक लाभ आम जन तक पहुचान हम सब का दायित्व है इसके लिए यह अति आवष्यक है कि सरकारी धन को निर्धारित प्रक्रिया के अुनरूप पारदर्षी ढंग से खर्च किया जाय। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी मंयक षेखर झाॅ, मुख्य विकास अधिकारी/जिला विकास अधिकारी के0एन0 तिवारी, वरिश्ठ कोशाधिकारी पूरन चन्द्र उप्रेती, जिला पंचायतराज अधिकारी रामपाल सिंह, मुख्य षिक्षा अधिकारी नरेष षर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेन्द्र नाथ गोस्वमी, जिला उद्याान अधिकारी आर0 के0 सिंह, परियोजना निदेषक षिल्पी पंत, महाप्रबन्धक उद्योग वी0के0चैधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एन0एस0 गस्याल, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा, सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।