PM Narendra Modi at Future Investment Initiative (FII), Riyadh (Saudi Arabia): Our relations with Saudi Arabia is several years old. Our ancient relations has built a strong foundation for our strategic partner
रियाद में पीएम मोदी: भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम, निवेश करें
रियाद में पीएम मोदी – फोटो : ANIदो दिन की यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रियाद में फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफआईआई) में भाषण के दौरान अपने विचार रखे। पीएम मोदी ने कहा कि इस फोरम का उद्देश्य न सिर्फ उभरते ट्रेंड्स को समझना है बल्कि वैश्विक कल्याण की दिशा में भी आगे बढ़ना है।विज्ञापन उन्होंने कहा, सऊदी अरब से हमारे रिश्ते कई साल पुराने हैं। हमारे प्राचीन संबंधों ने रणनीतिक साझेदारी की मजबूत आधारशिला रखी है
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अगले पांच वर्ष में अपनी इकॉनमी को दोगुनी करके 5 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। आज हम भारत में विकास को गति देना चाहते है तो हमें उभरते ट्रेंड्स को समझना होगा
पीएम ने कहा, आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम बन गया है। भारत के 2 और 3 टियर शहर में भी स्टार्ट अप खुल रहे हैं। हमारे स्टार्ट अप ने वैश्विक स्तर पर निवेश करना शुरू कर दिया है। मैं वैश्विक निवेशकों को हमारे स्टार्ट अप इकोसिस्टम का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं।
उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया पहल के तहत आने वाले 3-4 साल में 40 करोड़ लोग विभिन्न क्षमताओं से लैस होंगे। इससे भारत में निवेश करने वाली कंपनियों को लाभ मिलेगा।
पीएम ने कहा कि हमारा उद्देश्य 2024 तक रिफाइनिंग, पाइपलाइन, गैस टर्मिनल में 100 बिलियन डॉलर का निवेश कराना है। मुझे खुशी है कि सऊदी अरामको ने वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट में निवेश करने का फैसला किया है जो एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी होगी।
भाषण के बाद एक खास बातचीत में उन्होंने कहा-
-मानव संसाधन ने देश को नई ताकत दी है। दुनिया को मानव संसाधन की बहुत जरूरत। दुनिया पर बोझ न बढ़े ऐसा मानव संसाधन तैयार करने की जरूरत।
-हमें समय से आगे देखने वाले मानव संसाधन की जरूरत।
-2022 तक हमने न्यू इंडिया बनाने का सपना रखा है।
-भारतीय टैलेंट ने सऊदी अरब में अनोखा कार्यबल बनाने की पहचान रखी।
-हमारा बुनियादी ढांचा विकास को बढ़ावा देता है।
-कुछ देश यूएन को आपसी विवाद सुलझाने की संस्था के बजाय एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करर हे हैं।

