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प्रदेश सरकार ने विभागों के ढांचे में कटौती की कवायद आरंभ कर दी है। इसकी शुरुआत 11 हजार पदों वाले लोक निर्माण विभाग के भारी भरकम ढांचे में कटौती से हुई है। कटौती की गाज निसंवर्गीय पदों की कटौती के रूप में गिरी है। विभाग ने चीफ इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर स्तर के निसंवर्गीय पदों को समाप्त कर दिया है।

विभागीय ढांचे में सृजित इन सभी निसंवर्गीय पदों की संख्या 305 बताई जा रही है। इसके अलावा विभाग के बागेश्वर, यूएसनगर, चंपावत और रुद्रप्रयाग सर्किलों को तोड़कर उन्हें दूसरे जनपदों में मर्ज कर दिया है। टिहरी और पिथौरागढ़ डिविजन में चीफ इंजीनियर कार्यालय भी बंद कर दिए गए हैं। मुख्य अभियंता के 11 पदों में से चार निसंवर्गीय पदों को समाप्त कर दिया गया है।

दो पद लोनिवि से बाहर के विभागों से प्रतिनियुक्ति के लिए रखे गए हैं। इस संबंध में अनुसचिव (लोनिवि) प्रदीप मोहन नौटियाल ने शासनादेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक, चंपावत सर्किल को पिथौरागढ़ में, बागेश्वर को अल्मोड़ा में, रुद्रप्रयाग को चमोली में, यूएसनगर को नैनीताल सर्किल में मर्ज किया गया है। चीफ इंजीनियर के कार्यालय में तैनात स्टाफ को अन्यत्र समायोजित किया जाएगा।

अब ऐसा होगा ढांचा

पदनाम                                संख्या                                                        दायित्व
प्रमुख अभियंता                     01                                                    एचओडी, देहरादून
चीफ इंजीनियर स्तर एक        03        अधिष्ठान, नियोजन, जांच प्रकोष्ठ का कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग
चीफ इंजीनियर स्तर दो        07        एचओडी कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून, पौड़ी, हल्द्वानी, अल्मोड़ा (02 प्रतिनियुक्ति)
एसई                                21        छह एचओडी, अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, हरिद्वार, उत्तरकाशी, गोपेश्वर, टिहरी, देहरादून, एनएच, पौड़ी, एनएच                                हल्द्वानी (04 पद प्रतिनयुक्ति)

305 निसंवर्गीय इंजीनियरों का क्या होगा?

शासन ने एक अन्य आदेश में लोक निर्माण विभाग संरचनात्मक ढांचे में मुख्य अभियंता स्तर दो एवं अधीक्षण अभियंता के पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। जारी शासनादेश में कहा गया है कि लोनिवि में सृजित निसंवर्गीय पदों की समयावधि को नहीं बढ़ाया जाएगा। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरएस मेहरा की मानें तो विभाग में 4 मुख्य अभियंता, 12 अधीक्षण अभियंता, 36 अधिशासी अभियंता, 89 सहायक अभियंता और करीब 164 जूनियर इंजीनियर के पद निसंवर्गीय हैं।

ये सवाल खड़ा हो गया है कि इन 305 निसंवर्गीय इंजीनियरों का क्या होगा? शासनादेश में कहा गया है कि यूडीआरपीएएफ के निदेशक और प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग पीएमजीएसवाई योजना के तहत अपने विभाग में निसंवर्गीय पद सृजित कराएं और उसके सापेक्ष लोनिवि से प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरें।

विभागीय ढांचे का पुनर्गठन समय की मांग है। इसमें संवर्गीय पदों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। केवल निसंवर्गीय पदों को समाप्त किया गया है। इससे इंजीनियरों और मिनिस्टीरियल कर्मियों पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
 -हरिओम शर्मा, विभागाध्यक्ष, लोनिवि


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By udaen

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