रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही बैंकों के साथ मिलकर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की दुकानों को मिनी एटीएम में बदलने जा रहा है। दुकानों में प्वाइंट ऑफ सेल्स(पीओएस) मशीनें रखी जाएंगी, जहां हर कोई डेबिट कार्ड से स्वाइप कर एक दिन में एक बार 2000 रुपये तक कैश ले सकता है। ऐसा एटीएम की कमी और इन मशीनों में बार-बार खराबी को देखते हुए निर्णय लिया गया है।
सभी बैंकों को अब ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानदारों को अपना एटीएम बनाना होगा। इस सुविधा को दिसंबर से शुरू करने की तैयारी है। हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर द्वार सुविधा देने के लिए आरबीआई ने नई पहल की है। इसके तहत स्थानीय दुकानदारों को बैंकों से जोड़ा जाएगा। दुकानों में बैंक पॉस मशीनें लगाएंगे। पीओएस मशीनों में डेबिट कार्ड स्वॉइप कर दिन में एक बार दो हजार रुपये तक की राशि ली जा सकेगी।
इसकी एवज में दुकानदारों को कमीशन मिलेगा। दिसंबर से हिमाचल में यह नई व्यवस्था शुरू होगी। प्रदेश में स्थित हर बैंक इसमें शामिल होगा। मंगलवार को राजधानी शिमला में आयोजित स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक में महाप्रबंधक आरबीआई केसी आनंद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते दिनों ही आरबीआई ने इस बाबत निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में हिमाचल में बैंकों की 2175 शाखाएं और 1990 एटीएम का नेटवर्क है। 1762 बैंक मित्रों के माध्यम से भी बैंकिंग सेवाएं दी जा रही हैं। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में एटीएम नहीं है और जहां हैं, वहां भी अधिकांश समय ठप रहते हैं। बैंकों के विलय के चलते भी कई एटीएम बंद हो रहे हैं। ऐसे में आरबीआई नई पहल कर रही है। अक्तूबर के अंत तक सभी बैंकों से इस संदर्भ में कार्य रिपोर्ट आरबीआई ने मांगी है।
