Spread the love

PIB Delhi

मंत्रालय ने ई-सरस प्लेटफॉर्म विकसित और लॉन्च किया है, जो एसएचजी उत्पादों के लिए एक विशिष्ट डिजिटल बाजार के रूप में कार्य करता है। अपने स्वयं के प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रत्यक्ष बिक्री की सुविधा के अलावा, ई-सरस अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एसएचजी उत्पादों के ऑनबोर्डिंग और बिक्री को भी सक्षम बनाता है। अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (फ्लिपकार्ट, अमेज़ॉन, मीशो आदि) सहित ई-सरस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत एसएचजी/एफपीओ आदि, बिक्री का मूल्य और मात्रा का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।

मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अपने संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में प्रतिवर्ष कम से कम दो सरस मेलों का आयोजन कर सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में, चार राष्ट्रीय स्तर के मेलों का आयोजन किया गया है, जिनकी कुल बिक्री 35.73 करोड़ रुपये हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार अनुसार विवरण अनुबंध II में दिए गए हैं।

ई-सरस प्लेटफॉर्म एक डिजिटल बाज़ार है जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के सहयोग से विकसित किया है, ताकि महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), ग्रामीण कारीगरों और उत्पादक समूहों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर विपणन करने में सक्षम बनाया जा सके। अधिक एसएचजी, एफपीओ, ग्रामीण उत्पादकों को ऑनबोर्ड करने और उनकी बाजार पहुंच को सुदृढ़ करने के लिए, मंत्रालय ने ऑनलाइन उत्पाद कैटलॉग, इन्वेंट्री प्रबंधन और सुरक्षित डिजिटल भुगतान सुविधाओं सहित डिजिटल ऑनबोर्डिंग सहायता प्रदान की है। एसएचजी से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल ऑनबोर्डिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, उत्पाद फोटोग्राफी, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राहक सेवा और उत्पाद मूल्य निर्धारण में प्रशिक्षण दिया जाता है। एसएचजी उत्पादों के उत्पाद संग्रह, पैकेजिंग, इन्वेंट्री प्रबंधन और अंतिम छोर तक प्रदायगी को सुव्यवस्थित करने के लिए एक समर्पित पूर्ति केंद्र स्थापित किया गया है। क्षमता निर्माण पहल निर्यात के लिए तैयार एसएचजी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल मार्केटिंग और चयनित व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी की सुविधा पर केंद्रित है। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान नियमित रूप से उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार, डिजिटल विपणन, उद्यम प्रबंधन, निर्यात प्रक्रियाओं और प्रलेखन, तथा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच को सुदृढ़ करने के लिए बाजार तत्परता पर एसएचजी सदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए क्षमता निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करता है।

मंत्रालय नियमित रूप से बिक्री रिपोर्ट और आवधिक रूप से राज्यों के साथ परामर्श के माध्यम से ई-सरस प्लेटफॉर्म और विपणन पहलों, जिनमें सरस मेलें भी शामिल है, के निष्पादन की समीक्षा करता है। आकलन में पाया गया है कि इन पहलों ने महिलाओं के एसएचजी को उनके स्थानीय बाजारों से परे ग्राहकों के साथ वास्तविक और डिजिटल दोनों चैनलों के माध्यम से जोड़कर बाजार पहुंच में काफी वृद्धि की है। सरस मेलों ने एसएचजी को प्रत्यक्ष विपणन अवसर प्रदान किए हैं, उत्पाद दृश्यता में वृद्धि की है, संस्थागत और खुदरा खरीदारों के साथ बातचीत को सुगम बनाया है, और पर्याप्त उत्पाद की बिक्री की है, जबकि ई-सरस ने साल भर ऑनलाइन बाजार पहुंच को सक्षम किया है।

अनुबंध-I

अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (फ्लिपकार्ट, अमेज़ॉन, मीशो आदि) सहित ई-सरस प्लेटफार्म पर पंजीकृत एसएचजी/एफपीओ आदि, बिक्री का मूल्य और मात्रा, का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण

 क्र. सं.राज्य/संघ राज्य क्षेत्रएसएचजी/एफपीओ की संख्याबिक्री का मूल्य (₹)मात्रा (यूनिट)
 आंध्र प्रदेश51,07,58351
 अरुणाचल प्रदेश100
 असम919,25259
 बिहार544,60553
 छत्तीसगढ़554,49737
 दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव11901
 गोवा32,3695
 गुजरात59842
 हरियाणा114,04,003979
 हिमाचल प्रदेश654,324137
 जम्मू और कश्मीर75,42,5371,142
 झारखंड152,29,713591
 कर्नाटक113,35,667630
 केरल417,43767
 मध्य प्रदेश116,52,5341,325
 महाराष्ट्र1119,15150
 मणिपुर100
 मेघालय39,01713
 मिज़ोरम100
 ओडिशा222,13,206207
 पुदुचेरी11,96012
 पंजाब163,40,305706
 राजस्थान142,99,373629
 तेलंगाना100
 त्रिपुरा415,53446
 उत्तर प्रदेश441,07,03,61134,766
 उत्तराखंड1014,79131
 पश्चिम बंगाल222,00,272430
कुल2491,42,82,915(₹ 1.43 करोड़ में)41,969

अनुबंध- II

    वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दिल्ली एनसीआर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सरस मेलों का विवरण।

क्र.सं.राज्य का नामकुल  बिक्री (₹)भागीदार सदस्यों की संख्या(एसएचजी/एफपीओ/आदि)
1आंध्र प्रदेश1303524575
2अरुणाचल प्रदेश202218839
3असम944659053
4बिहार1553083386
5छत्तीसगढ़846279966
6दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव1027002
7गोवा619447134
8गुजरात1588858877
9हरियाणा1593441462
10हिमाचल प्रदेश1047268278
11जम्मू और कश्मीर1343251067
12झारखंड960026574
13कर्नाटक669010755
14केरल1435490275
15लद्दाख255129120
16मध्य प्रदेश801417764
17महाराष्ट्र1220372074
18मणिपुर186193014
19मेघालय90234319
20मिज़ोरम86909512
21नागालैंड183024025
22ओडिशा1080278064
23पुदुचेरी221263814
24पंजाब1156046561
25राजस्थान26345062100
26सिक्किम229622529
27तमिलनाडु970257579
28तेलंगाना1364935069
29त्रिपुरा345511523
30उत्तर प्रदेश32534602127
31उत्तराखंड1747701474
32पश्चिम बंगाल5680997798
33अभिसरण मंच53504010
34प्रदर्शनी मंच5209208
35सरस गैलरी163708
कुल357319223(₹ 35.73 करोड़)1835

यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *