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विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से 100 विश्वविद्यालय स्तरीय छात्रों को 2,036 आवेदकों में से चुना गया

अध्यक्ष, न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने बढ़ते वैश्विक संघर्षों पर प्रकाश डाला और युवाओं में अधिक सहानुभूति का आह्वान किया

सदस्य, न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी ने गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया और प्रशिक्षुओं से समाज में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने का आग्रह किया

महासचिव, श्री पीयूष गोयल ने प्रशिक्षुओं से मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध जागरूक नागरिक बनने का आग्रह किया

PIB Delhi

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा विश्वविद्यालय स्तर के छात्रों के लिए आयोजित दो सप्ताह का ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम (ओएसटीआई) आज नई दिल्ली के मानव अधिकार भवन में शुरू हुआ। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी, महासचिव श्री पीयूष गोयल, संयुक्त सचिव श्री समीर कुमार, श्रीमती सैदिंगपुई छकछुक और निदेशक सुश्री सतोविशा समाजदार की उपस्थिति में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से चयनित 100 छात्र, 2,036 आवेदकों में से इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति रामासुब्रमणियन ने कहा कि देश के युवा भाग्यशाली हैं कि वे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों से दूर रहते हैं। उन्हें भोजन, शिक्षा और आश्रय जैसे बुनियादी मानवाधिकार प्राप्त हैं, जबकि कई अन्य लोग सशस्त्र संघर्षों और विस्थापन का सामना कर रहे हैं। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में दुनिया लगभग 130 सशस्त्र संघर्षों का सामना कर रही है, यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बुरी स्थिती है। 98 देश बाहरी संघर्षों का सामना कर रहे हैं और 12 करोड़ से अधिक लोग जबरन विस्थापित हो चुके हैं। वैश्विक आर्थिक क्षति लगभग 20 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। इससे दुनिया भर में गंभीर मानवीय स्थिति का पता चलता है।

न्यायमूर्ति रामासुब्रमणियन ने इंटर्नशिप कार्यक्रम को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति युवाओं को जागरूक करने और उन्हें इससे जोड़ने का एक प्रभावी तरीका बताया। उन्होंने कहा कि इससे युवा आयोग के ब्रांड एंबेसडर के रूप में तैयार होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्देश्य साथी मनुष्यों के प्रति सहानुभूति और करुणा की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों में इन मूल्यों को एक प्रतिशत भी मजबूत कर सका, तो यह सफल होगा। उन्होंने उनसे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद (एनएचआरसी) के सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी ने कहा कि इंटर्नशिप कार्यक्रम को इस तरह से संरचित किया गया है कि प्रख्यात विषय विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से मानवाधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर बहुमूल्य ज्ञान प्राप्त हो सके। उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और उन्होंने प्रशिक्षुओं को कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने और समाज के हित में करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इससे पहले, महासचिव श्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऑनलाइन प्रारूप इंटर्नशिप कार्यक्रम को अधिक समावेशी और सुलभ बनाता है। इससे भौगोलिक और वित्तीय बाधाएं दूर होती हैं और देश भर के छात्र इसमें भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह के दौरान इंटर्न प्रतिष्ठित वक्ताओं के साथ बातचीत करेंगे और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के उद्देश्य और कार्यप्रणाली की गहरी समझ प्राप्त करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस इंटर्नशिप का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे साथी मनुष्यों की गरिमा को बनाए रखें और अपने आसपास के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह इंटर्नशिप मानवाधिकारों के प्रति उनकी समझ को समृद्ध करेगी और उन्हें अपने शैक्षणिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

संयुक्त सचिव श्रीमती सैदिंगपुई छकछुआक ने दो सप्ताह के इंटर्नशिप कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में मानवाधिकारों से सम्बंधित महत्वपूर्ण विषयों पर लगभग 30 व्याख्यान होंगे और इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, नागरिक समाज प्रतिनिधियों, मानवाधिकार रक्षकों, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अधिकारियों, मानवाधिकार संरक्षण के लिए कार्यरत अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों सहित 20 प्रतिष्ठित अतिथि वक्ता शामिल होंगे। इंटर्न को पुलिस स्टेशन, तिहाड़ जेल और आशा किरण आश्रय गृह के कामकाज और चुनौतियों को समझने के लिए वर्चुअल टूर कराया जाएगा। इसके अलावा, वे पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता, समूह शोध परियोजना प्रस्तुति और भाषण प्रतियोगिता में भी भाग लेंगे।


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By udaen

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