गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार के तीनों सांसदों ने दिल्ली सॉकर चैंपियनशिप छठी बार जीतने पर गढ़वाल हीरोज़ फुटबॉल क्लब को बधाई दी
नई दिल्ली। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित गढ़वाल हीरोज़ फुटबॉल क्लब ने सीमित संसाधनों के बावजूद इस वर्ष दिल्ली सॉकर (फुटबॉल) चैंपियनशिप का खिताब छठी बार जीतकर नया इतिहास रच दिया। क्लब ने हाल ही में पौड़ी में आयोजित राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप में उपविजेता का सम्मान भी प्राप्त किया।

इस उपलब्धि पर गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार के सांसद अनिल बलूनी, माला राज्य लक्ष्मी शाह और त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खिलाड़ियों, पदाधिकारियों और पूरे क्लब परिवार को बधाई देते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली में सांसद अनिल बलूनी के आवास पर आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें गढ़वाल हीरोज़ का मुख्य संरक्षक बनाया गया। इस अवसर पर उन्होंने क्लब के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1953 में स्वर्गीय केसर सिंह नेगी द्वारा स्थापित यह क्लब आज देश की प्रतिष्ठित फुटबॉल संस्थाओं में अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल के तीनों सांसद मिलकर क्लब को मजबूत करने और उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खिलाड़ियों और क्लब से जुड़े सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि गढ़वाल हीरोज़ की लगातार सफलताएँ उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने भविष्य में क्लब के खिलाड़ियों के सम्मान में अपने आवास पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने भी क्लब की उपलब्धियों, विशेषकर बालिका फुटबॉल टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
समारोह के दौरान क्लब के अध्यक्ष भगवान सिंह नेगी, महासचिव अनिल नेगी, उपाध्यक्ष मगन सिंह पटवाल सहित कई पूर्व खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल प्रशासकों और खेल पत्रकारों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की फुटबॉल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में गढ़वाल हीरोज़ फुटबॉल क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
गढ़वाल हीरोज़ फुटबॉल क्लब पिछले सात दशकों से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध करा रहा है और सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन कर रहा है।
