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बचपन की कठिनाइयों से एक स्थिर भविष्य की ओर: मृणास की पुनर्वास यात्रा

PIB Delhi

सुलभ उपचार, परामर्श, सहानुभूति और पुनर्वास सहायता मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को अपना जीवन फिर से संवारने में मदद कर सकती है। मृणास की कहानी दर्शाती है कि कैसे मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के तहत, असम के जोरहाट में सीओएसईएचडीए के जिला नशामुक्ति केंद्र (डीडीएसी) के माध्यम से मिली सहायता उनके पुनर्वास और प्रगति में सहायक रही है।

असम के जोरहाट जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखने वाले 26 वर्षीय मृणास (बदला हुआ नाम) वर्तमान में भारतीय रिजर्व बटालियन में कर्मचारी हैं। एनएपीडीडीआर के तहत मिली सहायता ने उन्हें नशे की लत से उबरने, जीवन को फिर से संवारने के लिए कौशल विकसित करने और आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनने में मदद की है।

मृणास का बचपन कठिन पारिवारिक परिस्थितियों और सीमित भावनात्मक सहयोग से भरा था। कम उम्र में ही पिता की मृत्यु ने उनके घर के माहौल को अस्त-व्यस्त कर दिया और उन्हें अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ी। पर्याप्त देखभाल, मार्गदर्शन और देखरेख के अभाव में, उन्होंने 11 वर्ष की आयु में नशीले पदार्थों का सेवन शुरू कर दिया।

मृणास ने बताया कि परिवार से समर्थन की कमी और समाज से स्वीकृति और प्रोत्साहन न मिलने से उनके भावनात्मक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन) में शामिल होने और सेवा एवं सार्थक रोजगार के माध्यम से बेहतर भविष्य की आकांक्षा को दृढ़ रखा।

मृणास को 31 अगस्त 2025 को एनएपीडीडीआर के तहत जोरहाट में सीओएसईएचडीए के जिला नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हुई। इस सहायता में अत्यधिक रियायती उपचार योजना, परामर्श सेवाएं और पुनर्वास सहायता शामिल थी ताकि उन्हें मादक पदार्थों की लत से उबरने और अपने जीवन का पुनर्निर्माण करने में मदद मिल सके।

परामर्श और पुनर्वास सहायता ने मृणास के व्यक्तिगत विकास में सहयोग दिया और उन्हें अपना जीवन फिर से संवारने के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने में मदद की। सामुदायिक सहयोग और निवारक उपायों ने उनके सामाजिक पुनर्एकीकरण तथा दीर्घकालिक पुनर्वास में सहायता प्रदान की।

उपचार, परामर्श, सहानुभूति और सामुदायिक सहयोग ने मृणास को अपना जीवन फिर से संवारने और आगे बढ़ने में मदद की।

आज मृणास पूर्णकालिक कर्मचारी हैं। आईआरबीएन में सेवा करने की उनकी आकांक्षा भविष्य के लिए उनकी आशाओं का एक हिस्सा बनी है। उनका जीवन यह दर्शाता है कि सुलभ उपचार, परामर्श और निरंतर सामुदायिक सहायता किस प्रकार मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों को जीवन में नई दिशा पाने और अधिक स्थिर एवं सार्थक जीवन की ओर बढ़ने में मदद कर सकती है।


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By udaen

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