Spread the love

कार्यालय, जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल

सरकारी योजना और बैंक ऋण का मिला सहयोग, स्थानीय स्तर पर तैयार कर रहे प्रोटीनयुक्त खाद्य उत्पाद

सूचना/पौड़ी/13 सितम्बर, 2026:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में कोटद्वार के मानपुर निवासी सुशील कुमार भट्ट ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण ड्राइविंग का काम छोड़ने के बाद टोफू निर्माण को अपने स्वरोजगार का माध्यम बनाया।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और बैंक ऋण का लाभ लेकर करीब एक वर्ष पहले शुरू की गई उनकी इकाई अब स्थानीय स्तर पर टोफू की मांग पूरी करने के साथ एक अन्य युवक को भी रोजगार दे रही है।

सुशील बताते हैं कि ड्राइविंग का काम छोड़ने के बाद वह स्वरोजगार के लिए नए विकल्प तलाश रहे थे। इसी दौरान टोफू निर्माण से संबंधित जानकारी मिली।

दोस्तों के सहयोग से उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया और जिला सहकारी बैंक से पांच लाख रुपये का ऋण लेकर मानपुर में टोफू निर्माण की इकाई स्थापित की। पीएमएफएमई योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला।

शुरुआत में कारोबार को स्थापित करने में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन लगातार मेहनत और बेहतर गुणवत्ता पर ध्यान देने से इकाई धीरे-धीरे आगे बढ़ी। वर्तमान में आधुनिक मशीनों और तकनीक की मदद से सोयाबीन एवं मूंगफली के दूध से टोफू तैयार किया जा रहा है। स्थानीय बाजार में इसकी मांग बढ़ने से सुशील को प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये की आय हो रही है।

सुशील की इकाई से गौरव बड़थ्वाल भी जुड़े हैं। गौरव पहले दुबई के एक होटल में काम करते थे। कोरोना काल के बाद वापस लौटने पर उन्हें दोबारा विदेश जाने का अवसर नहीं मिल पाया। टोफू निर्माण इकाई शुरू होने के बाद उन्हें अपने घर के पास ही रोजगार मिल गया। गौरव बताते हैं कि प्रोटीन युक्त खाद्य उत्पाद होने के कारण टोफू की मांग बढ़ रही है और स्थानीय स्तर पर ऐसी इकाइयां स्थापित होने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार वित्तीय सहायता और अनुदान का लाभ दिया जाता है। इससे स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के साथ स्वरोजगार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।

पीएमएफएमई योजना के माध्यम से घरेलू एवं छोटे स्तर पर विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। इनमें अरसा, रोट, पापड़, चिप्स, गन्ने के जूस, बेकरी सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। सुशील कुमार भट्ट की पहल यह दिखाती है कि सरकारी योजना और बैंकिंग सहयोग का लाभ लेकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों को स्वरोजगार में बदला जा सकता है।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *