38 हजार वर्ग किमी अक्साई चिन पर चीन का कब्ज़ा: 1962 युद्ध से जुड़ा पुराना सीमा विवाद
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। भारत सरकार के आधिकारिक रुख के अनुसार, लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर चीन का अवैध कब्ज़ा है। यह इलाका मुख्य रूप से अक्साई चिन क्षेत्र में स्थित है, जिसे भारत अपना अभिन्न हिस्सा मानता है।
यह कब्ज़ा मुख्यतः भारत-चीन युद्ध के बाद स्थापित हुआ। हालांकि चीन ने 1950 के दशक में ही इस क्षेत्र में सड़क निर्माण और सैन्य गतिविधियाँ शुरू कर दी थीं। विशेष रूप से शिनजियांग और तिब्बत को जोड़ने वाली G219 सड़क के निर्माण को इस विवाद का बड़ा कारण माना जाता है।
हाल ही में संसद में विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि 1962 संघर्ष के अंत तक चीन लगभग 38,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर “अवैध कब्ज़ा” कर चुका था। भारत लगातार इस मुद्दे को राजनयिक और सामरिक स्तर पर उठाता रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संसद में स्पष्ट किया था कि अक्साई चिन का यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भारत का हिस्सा रहा है। इसके अतिरिक्त भारत यह भी मानता है कि 1963 में पाकिस्तान ने अवैध रूप से लगभग 5,180 वर्ग किमी क्षेत्र चीन को सौंप दिया था, जिसे भारत कभी मान्यता नहीं देता।
विशेषज्ञों के अनुसार, अक्साई चिन केवल बर्फीला और निर्जन इलाका नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। यही कारण है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव समय-समय पर बढ़ता रहता है, जैसा कि गलवान घाटी संघर्ष में देखने को मिला था।
