उत्तराखंड: : ट्राउट मत्स्य पालन से मिला रोज़गार
उत्तरकाशी जिले के विकासखंड डुंडा के सुदूरवर्ती गांव सिंगोट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली नीतियों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
SHABD,Dehradun, January 11,
11 जनवरी 2026, उत्तरकाशी:
उत्तरकाशी जिले के विकासखंड डुंडा के सुदूरवर्ती गांव सिंगोट में ग्रामीणों द्वारा सहकारिता विभाग से जुड़कर गठित श्री नागराजा मत्स्य जीवि उत्पादन सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार सृजन की सशक्त मिसाल बन चुकी है।
समिति ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मत्स्य विभाग से 44 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी दी गई। वर्तमान में समिति से 34 सदस्य जुड़े हुए हैं, जबकि इसके अतिरिक्त 14 अन्य लोगों को भी प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
गांव में समिति द्वारा 20 ट्राउट मछली टैंक और 6 स्थानीय मछली टैंक स्थापित किए गए हैं। इससे समिति को प्रतिवर्ष 20 से 22 लाख रुपये का उत्पादन हो रहा है। ट्राउट मछली 60 हजार रुपये प्रति क्विंटल, जबकि स्थानीय मछली 300 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में बेची जा रही है। भविष्य में समिति का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाकर 5 टन तथा वार्षिक आय को 30 लाख रुपये तक पहुंचाना है।
विनय कलूडा, मत्स्य पालक
ट्राउट मछली की आपूर्ति मुख्य रूप से आईटीबीपी मातली को की जा रही है। पहले जहां मछली बीज विभाग से उपलब्ध कराया जाता था, वहीं अब विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद समिति स्वयं मछली बीज उत्पादन कर रही है और अन्य उत्पादकों को 5 रुपये प्रति पीस की दर से बीज उपलब्ध करा रही है। यह पहल न केवल ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार दे रही है, बल्कि पलायन रोकने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
