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ग्रामीण विकास मंत्रालय

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एसएचजी, महिला उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों एवं एमएसएमई के लिए एकीकृत वित्तीय एवं लॉजिस्टिक्स सेवाओं को सक्षम बनाने हेतु समझौता ज्ञापन

मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों और सशक्त ग्रामीण समुदायों के साथ हम धीरे-धीरे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं: शिवराज सिंह चौहान

प्रविष्टि तिथि: 07 JAN 2026 6:17PM by PIB Delhi

ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग ने आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स तथा बाजार तक पहुंच के विस्तार हेतु संस्थागत जुड़ाव को सुदृढ़ करना है। यह पहल केंद्रीय बजट 2025 की उस परिकल्पना के अनुरूप है, जिसमें इंडिया पोस्ट को ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन के एक प्रमुख वाहक के रूप में पुनर्स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।

इस समझौता ज्ञापन पर 7 जनवरी 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (ग्रामीण विकास) श्री कमलेश पासवान; केंद्रीय राज्य मंत्री (ग्रामीण विकास एवं संचार) डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी; केंद्रीय राज्य मंत्री (कृषि एवं किसान कल्याण) श्री रामनाथ ठाकुर; और केंद्रीय राज्य मंत्री (कृषि एवं किसान कल्याण) श्री भागीरथ चौधरी भी उपस्थित थे। दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

इस मौके पर श्री शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार समग्र सरकारी दृष्टिकोण के जरिए एक साझा राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक प्रयास प्रधानमंत्री के विज़न और नेतृत्व को दर्शाता है, जिनका मार्गदर्शक सिद्धांत एकीकृत शासन और समावेशी विकास है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि विकास सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर तक ही सीमित न रहे, बल्कि ज़मीनी स्तर पर रोज़गार के अवसर पैदा करने, सम्मान और आत्मनिर्भरता तक भी फैले। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों और सशक्त ग्रामीण समुदायों के साथ देश धीरे-धीरे एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विज़न की ओर बढ़ रहा है।

अपने संबोधन में श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की व्यवस्था को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों को पूरा प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और सर्टिफ़िकेशन से लैस किया जाएगा, जिससे वे सीधे घरों तक कई तरह की सेवाएं पहुंचा सकें। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के ज़रिए, डाक घर बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, नकद हस्तांतरण सेवाएं और कई अन्य वित्तीय उत्पाद जैसी सेवाएं नागरिकों के घर तक कुशलता से पहुंचाई जाएंगी।

यह साझेदारी दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के व्यापक स्वयं सहायता समूह संस्थागत नेटवर्क तथा इंडिया पोस्ट की राष्ट्रव्यापी पहुंच को एक मंच पर लाती है। इसमें 1.5 लाख से अधिक ग्रामीण डाकघर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) और डाक सेवकों का विशाल नेटवर्क शामिल है। इस जुड़ाव के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), महिला उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों एवं एमएसएमई को एकीकृत वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, ग्रामीण विकास मंत्रालय के दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा एसएचजी परिवारों के बीच इंडिया पोस्ट की बचत, जमा, बीमा एवं पेंशन उत्पादों को अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह मिशन एसएचजी की महिलाओं को बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी सखी) के रूप में चिन्हित एवं विकसित करेगा तथा उनके प्रशिक्षण, प्रमाणन एवं तैनाती की सुविधा प्रदान करेगा।

इंडिया पोस्ट, आईपीपीबी के माध्यम से, ऑनबोर्डिंग, हैंडहोल्डिंग, मॉनिटरिंग डैशबोर्ड तथा बीमा समाधानों की संभावनाओं सहित अन्य  सहयोग प्रदान करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक वित्तीय पहुंच को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

यह साझेदारी महिला-नेतृत्व वाले एसएचजी उद्यमों को इंडिया पोस्ट के लॉजिस्टिक्स प्रणाली से जोड़कर उनके लिए नए बाजार अवसर भी सृजित करेगी। मिशन लॉजिस्टिक्स क्षमता वाले एसएचजी एवं फेडरेशन स्तर के उद्यमों की पहचान करेगा तथा पैकेजिंग, प्रलेखन एवं निर्यात-तत्परता से संबंधित क्षमता निर्माण में सहयोग करेगा।

इंडिया पोस्ट, डाक निर्यात केंद्रों सहित, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग एवं निर्यात सुविधा सेवाएं प्रदान करेगा तथा अपने व्यापक डाक नेटवर्क के माध्यम से एसएचजी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की संभावनाओं का भी अन्वेषण करेगा।

यह समझौता ज्ञापन ग्रामीण महिलाओं एवं उद्यमियों के लिए वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करने, बाजार तक पहुंच में सुधार लाने तथा सतत आजीविका के अवसरों के सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जिससे समावेशी विकास और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को बल मिलेगा।


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By udaen

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