🧑💼 मयंक बंसल: व्हिसलब्लोअर जिन्होंने Jane Street घोटाले का पर्दाफाश किया
मयंक बंसल, जो UAE आधारित एक हेज फंड के प्रमुख हैं, उन्होंने SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) को एक बड़ी गड़बड़ी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Jane Street नाम की विदेशी ट्रेडिंग कंपनी भारत में Expiry-Day ऑप्शन्स ट्रेडिंग के दौरान बाजार में भारी हेरफेर कर रही थी।
📉 घोटाले का तरीका – क्या किया गया?
🧩 मयंक बंसल ने जुलाई 2023 से पैटर्न देखना शुरू किया:
- Expiry के दिन, Jane Street कुछ खास तरीकों से बाजार को अपने अनुसार मोड़ती थी:
- शांत बाजार (Low Volatility) में – ऐक्टिव कॉल और पुट ऑप्शन्स बेचकर प्रीमियम गिराना, ताकि ऑप्शन एक्सपायरी पर बेकार हो जाएं।
- तेज उतार-चढ़ाव वाले दिन (High Volatility) – पहले कॉल ऑप्शन की कीमतें बढ़ाना और फिर बाजार को गिराकर पुट ऑप्शन में मुनाफा कमाना।
👉 यह सब कुछ एक पूर्व नियोजित, को-ऑर्डिनेटेड स्कीम की तरह किया गया था।
📜 SEBI को शिकायत और कार्रवाई
- दिसंबर 2024 में, मयंक बंसल ने SEBI को एक विस्तृत रिपोर्ट दी।
- उन्होंने बताया कि यह काम “Unfair Trade Practices” के दायरे में आता है।
- इसके बाद, 3 जुलाई 2025 को SEBI ने:
- Jane Street को भारतीय बाजार से प्रतिबंधित कर दिया।
- लगभग ₹4,844 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को फ्रीज कर दिया।
🔍 इस घोटाले का असर
| क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| रिटेल निवेशक | अचानक उतार-चढ़ाव से नुकसान, आम निवेशक को भारी घाटा |
| बाजार की ईमानदारी | Derivatives मार्केट में विश्वास कमजोर पड़ा |
| नियामक कार्रवाई | SEBI ने कड़ा संदेश दिया कि बाजार हेरफेर बर्दाश्त नहीं होगा |
⚖️ Jane Street की प्रतिक्रिया
- Jane Street ने SEBI के आदेश को चुनौती देने का ऐलान किया है।
- उनका कहना है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया।
🧭 आगे की राह
- यह मामला संभवतः कानूनी लड़ाई तक जाएगा।
- SEBI अब Expiry-Day ट्रांजेक्शन पर और अधिक निगरानी और नियम ला सकता है।
✅ निष्कर्ष
मयंक बंसल की सतर्कता और सटीक रिपोर्टिंग से भारतीय ऑप्शन्स मार्केट में एक बड़े हेरफेर का पर्दाफाश हुआ। इस घोटाले को भारतीय डेरिवेटिव बाजार का सबसे बड़ा ‘Expiry Scam’ माना जा रहा है।
