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“फुलेरा का पंचायती राज”: आत्मनिर्भर दिल के साथ एक डिजिटल हिट


तीन भाग की श्रृंखला “अल्हुआ विकास” का अंतिम एपिसोड स्थानीय करों से स्थानीय प्रगति को बढ़ावा देने पर प्रकाश डालता है

पंचायती राज मंत्रालय की तीन-भाग की विस्तार श्रृंखला “फुलेरा का पंचायती राज” की तीसरी और अंतिम फिल्म “अल्हुआ विकास” डिजिटल दर्शकों को व्यापक रूप से उत्साहित कर रही है। इसके साथ ही देश भर में ग्राम पंचायतों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। इसका तीसरा और अंतिम एपिसोड पहले राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल, 2025) के अवसर पर जारी किया गया था। तब से अब तक इसे 6 मिलियन से अधिक बार देखा गया है। यूट्यूब पर भी इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

“अल्हुआ विकास” ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा राजस्व के अपने स्रोत (ओएसआर) उत्पन्न करने के महत्वपूर्ण महत्व पर प्रकाश डालता है, जो ग्रामीण भारत में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में मदद करता है। यह फिल्म स्थानीय करों के समय पर भुगतान पर नागरिक जागरूकता को बढ़ावा देती है। साथ ही,  इस पर प्रकाश डालती है कि इस तरह के योगदान से बेहतर सेवा वितरण और निरंतर गांव का विकास कैसे संभव होता है। इस फिल्म में नीना गुप्ता, फैसल मलिक, चंदन रॉय, दुर्गेश कुमार और मूल “पंचायत” कलाकारों समेत कई अन्य प्रसिद्ध कलाकार शामिल हैं।  इसने नागरिकों को स्थानीय करों का समय पर भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए “जमा करके कर, बनाइये अपनी पंचायत को आत्मनिर्भर” संदेश पर जोर देने के साथ काफी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। गांवों में विकास कार्यों का समर्थन ही फिल्म का महत्वपूर्ण संदेश है। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पंचायतों को राजस्व के अपने स्रोत (ओएसआर) जुटाने में आत्मनिर्भरता के क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए पुरस्कार प्रदान करने के साथ शुरू हुई ग्रामीण स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सबल और “आत्मनिर्भर” बनाने की दिशा में मंत्रालय के संकल्प की यह फिल्म पुष्टि करती है। पंचायती राज मंत्रालय का लक्ष्य ओएसआर को एक घरेलू शब्द बनाना और सक्षम नागरिकों को प्रासंगिक करों का भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ये योगदान पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय रूप से टिकाऊ और ग्रामीण भारत में जमीनी स्तर पर शासन की आत्मनिर्भर संस्थाएं बनाने के लिए आवश्यक हैं।

ग्रामीण भारत में जमीनी स्तर पर शासन के प्रमुख विषयों को प्रदर्शित करने वाली तीन भाग की श्रृंखला “फुलेरा का पंचायती राज” नीचे दिए गए लिंक पर देखें:-

क्रम सं.स्केच / फ़िल्म का शीर्षकप्रीमियर हुआविषययूट्यूब लिंक
1.असली प्रधान कौन? 4 मार्च, 2025” असली प्रधान कौन? ” प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करता है और पंचायती राज संस्थाओं की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के नेतृत्व को मजबूत करने की वकालत करता है। https://www.youtube.com/watch?v=GVxadWl5Cjk&t=102s
2.फुलेरा में चोरी 12 मार्च, 2025“फुलेरा में चोरी “स्वामित्व योजना और मेरी पंचायत ऐप जैसे डिजिटल गवर्नेंस टूल के प्रभाव पर प्रकाश डालता है। यह दर्शाता है कि कैसे ग्रामीण समुदाय पारदर्शी, कुशल सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर रहे हैं। https://www.youtube.com/watch?v=d56hvDYu5yA&t=162s
3.अल्हुआ विकास 24 अप्रैल, 2025“अल्हुआ विकास” नागरिक भागीदारी के माध्यम से राजस्व के अपने स्रोतों (ओएसआर) को बढ़ाने के विचार को बढ़ावा देता है, जिससे पंचायतें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और विकास के लिए तैयार हो सकें। https://www.youtube.com/watch?v=KRW8Nu9Wivs

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By udaen

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