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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल।

वनाग्नि को लेकर जनमानस को जागरूक करने के लिए चलाए प्रभावी अभियान

वनाग्नि की पाक्षिक रूप से समीक्षा हेतु टास्क फोर्स का गठन, आपदा प्रबंधन को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी यह समिति

सभी रेखीय विभागों के अधिकारी बैठकों का आयोजन कर वनाग्नि की रोकथाम के लिए करें प्लान तैयार

सूचना/पौड़ी/27 फरवरी 2025ः वनाग्नि रोकथाम तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि के प्रति जागरूकता को लेकर जनपद भर में अभियान चलाया जाए। वनाग्नि की सूचना समय पर कंट्रोल रूम तक नहीं पहुंचाने पर संबंधित बीट अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

गुरूवार को आयोजित वनाग्नि रोकथाम संबंधित बैठक में जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों व संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये कि वनाग्नि के प्रति व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाकर इसकी दैकिन रूप से सूचना जिला मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। काश्तकार अपने खेतो व उसके आसपास की झाड़ियों (आड़ा) न जलाएं इस हेतु उन्होंने कृषि, वन, पशुपालन व उद्यान विभाग के अधिकारियों को काश्तकारों के बीच वनाग्नि को लेकर विशेष अभियान जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सात दिन में वनाग्नि की दृष्टि से चिन्हित 47 संवेदनशील स्थलों की माइक्रो लेवल प्लान प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि वन विभाग के संबंधित फॉरेस्ट गार्ड द्वारा यदि सैटेलाइट इमेज प्राप्त होने से पहले वनाग्नि की सूचना नहीं दी जाती है तो ऐसी स्थिति में संबंधित क्षेत्र के फॉरेस्ट गार्ड/बीट अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। वनाग्नि के दौरान ड्रोन के सदुपयोग को लेकर जिलाधिकारी ने आपदा व वन विभाग के ड्रोन ऑपरेटरों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये हैं।

जिलाधिकारी ने शिक्षा व वन विभाग के अधिकारियों को वनाग्नि के दृष्टिगत संवेदनशील ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये हैं जो जंगल से सटे होने के कारण वनाग्नि की चपेट में आ सकते हैं। जिलाधिकारी ने एक टास्क फोर्स के गठन के निर्देश भी दिये है जो कि प्रत्येक 15 दिन में वस्तु स्थिति की समीक्षा करते हुए रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को कराएंगे। जिलाधिकारी ने सभी रेखीय विभागों व क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि के प्रति जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए बैठकों का आयोजन कर आवश्यक तैयारियां पूरी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम के लिए शीतलाखेत मॉडल नासा के रिसर्च डेटा पर वन विभाग द्वारा अब तक किये गये कार्यों की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। अनियंत्रित वनाग्नि पर काबू पाने के लिए भारतीय वायु सेना से मदद लेने की संभावना की दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये हैं।

बैठक में डीएफओ सीविल एवं सोयम पवन सिंह, एसडीओ वन विभाग आयषा बिष्ट, उपजिलाधिकारी धुमाकोट रेखा आर्य, प्रशिक्षु पीसीएस कृष्णा त्रिपाठी, सीओ पुलिस तूषार बोरा सहित उपजिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।


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By udaen

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